मीरजापुर, 01 जून (हि.स.)। चैत्र नवरात्र के पंचमी तिथि से बंद विंध्यवासिनी मंदिर का पट मंगलवार को खुलते ही दर्शन को श्रद्धालु उमड़ पड़े। मां विंध्यवासिनी के जयकारे से विंध्यधाम गुंजायमान हो उठा। क्या बूढ़े, क्या बच्चे, क्या महिलाएं हर कोई मां का दर्शन करने को बेताब दिखा। कई प्रकार के फूलों से किया गया मां विंध्यवासिनी का भव्य श्रृंगार अलौकिक छटा बिखेर रहा था। मां का दर्शन पाकर श्रद्धालु अभिभूत हो उठे। घंटा-घडिय़ाल, शंख, नगाड़ा और माता के जयकारे से विंध्यधाम देवीमय हो रहा था। सुबह से शाम तक दर्शन-पूजन का दौर चलता रहा। माला-फूल, प्रसाद लिए श्रद्धालु माता का जयघोष करते आगे बढ़ते जा रहे थे। किसी ने झांकी से तो किसी ने गर्भगृह में पहुंचकर मां के श्रीचरणों में मत्था टेका। मंदिर की छत पर अनुष्ठान-पूजन का भी दौर चलता रहा। गंगा घाटों पर भी स्नान करने के लिए स्नानार्थियों का तांता लगा रहा। माता का दर्शन-पूजन करने के बाद महिलाओं और पुरुषों ने विंध्याचल की गलियों में सजी दुकानों से अपने जरूरत की वस्तुएं खरीदी। दर्शनार्थियों की भारी भीड़ को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मंदिर खुलने पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से दुकानदार, तीर्थ पुरोहित व वाहन स्टैंड स्वामी काफी खुश दिखे। हिन्दुस्थान समाचार/ गिरजा शंकर




