वाराणसी, 09 अप्रैल (हि.स.)। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 95वीं बटालियन के जवानों ने अफसरों के साथ शुक्रवार को कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए शौर्य दिवस मनाया। बटालियन के पहड़िया स्थित मुख्यालय परिसर में बलिदानियों को क्वार्टर गार्ड पर श्रंद्धाजलि दी गई। इस मौके पर सैनिक सम्मेलन का भी आयोजन हुआ। बटालियन के कमांडेंट ने अधिकारियों व जवानों को वीरगति को प्राप्त जवानों के शौर्य के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि 09 अप्रैल, 1965 को गुजरात के सरदार और टॉक पोस्ट पर तैनात द्वितीय बटालियन केरिपुबल की एक टुकड़ी ने पाकिस्तानी सेना के करीब 3500 सैनिकों वाली एक बिग्रेड स्तर के हमले को नाकाम कर उन्हें पीछे खदेड़ दिया। इस दौरान पाकिस्तानी सेना के 34 सैनिक मारे गए। साथ ही सीआरपीएफ के 06 जवान भी बलिदान हो गए। इसके बाद से बल प्रत्येक वर्ष 09 अप्रैल को शौर्य दिवस के रूप में मनाती है। इस दौरान कमांडेंट ने बल के उपलब्धियों को भी बताया। चौबेपुर के सुभाष इंटर कॉलेज परिसर में शहीद जवान देवव्रत सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कमांडेंट ने श्रद्धांजलि दी। कालेज के प्रधानाचार्य डा.उदय नाथ तिवारी ने इस दौरान परिसर में जवान की प्रतिमा स्थापित कराने की आवाज उठाई। हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर




