नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के चरखारी से बीजेपी विधायक ब्रजभूषण राजपूत ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा, “किसी को बंधक बनाना मेरे लिए मामूली बात है। आपने मेरा पहले वाला रूप नहीं देखा है। मैं बीजेपी में आने के बाद अनुशासित हुआ हूं।” उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में फिर से हलचल पैदा कर दी है।
ब्रजभूषण राजपूत के बगावती तेवर जारी, विवादित हरकतों ने मचाई हलचल
उत्तर प्रदेश के बीजेपी विधायक ब्रजभूषण राजपूत का मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के खिलाफ बगावती तेवर अब भी जारी है। उन्होंने कहा, “मैं विकास की बात कमरे में क्यों करूं। इससे पहले भी विधायक ने कांग्रेस सरकार में केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन को बंधक बनाया था और अधिकारियों को चूड़ियां और पेटीकोट पहनाने जैसी विवादित हरकतें की थीं। उनके ये बयानों और कार्यों ने राजनीतिक हलकों में फिर से सनसनी मचा दी है।
ब्रजभूषण राजपूत का तीखा तेवर, कैबिनेट मंत्री का रास्ता रोका
पिछले हफ्ते बीजेपी विधायक ब्रजभूषण राजपूत ने कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का रास्ता रोककर राजनीतिक हलकों में सुर्खियां बटोरीं। उन्होंने कहा, “विधायक का फर्ज है जनता की समस्याओं का समाधान करना। बीजेपी लोकतंत्र पार्टी है और इसमें अपनी बात रखने की आजादी है। यदि 20 दिनों में काम नहीं हुआ तो आगे की रणनीति हमारी जनता तय करेगी।” उनके इस बयान ने विवाद और चर्चाओं को और हवा दे दी है।
महोबा में राजनीतिक तनाव: ब्रजभूषण ने रोक दिया मंत्री का काफिला
बुंदेलखंड के महोबा में बीजेपी सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के काफिले को बीजेपी चरखारी विधायक ब्रजभूषण राजपूत ने रोक दिया। इस दौरान मंत्री के पीआरओ और विधायक के बीच तीखी नोकझोंक हुई। स्थिति बिगड़ते देख प्रशासन ने मोर्चा संभाला, और मंत्री ने विधायक को अपनी गाड़ी में बैठाकर डीएम कार्यालय ले जाकर बैठक की। बैठक में विधायक को 20 दिनों के अंदर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया।
‘मोदी जी की योजना के लिए सख्ती जरूरी थी’-विधायक का दो टूक बयान
विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की हर घर जल योजना को धरातल पर उतारने के लिए उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने बताया कि नमामि गंगे योजना पिछले छह वर्षों से चल रही है, लेकिन अब तक सड़कों की खुदाई पूरी नहीं हुई और कई जगह काम अधूरा पड़ा है। इसी मुद्दे को लेकर आज उन्होंने मंत्री से मुलाकात की, जहां से उन्हें 20 दिनों के भीतर सभी गांवों की व्यवस्था दुरुस्त करने का आश्वासन मिला। विधायक ने साफ कहा कि जनता ने उन्हें चुना है, इसलिए वे अपने कर्तव्यों से पीछे नहीं हटेंगे। साथ ही चेतावनी दी कि अगर तय समय में काम नहीं हुआ तो वे चुप नहीं बैठेंगे, क्योंकि यह मोदी जी की महत्वाकांक्षी योजना है।





