बलिया, 17 मई (हि.स.)। यदि समय रहते प्रशासन ने सक्रियता नहीं दिखाई होती तो बलिया में चौदह वर्ष की किशोरी की शादी 36 साल के युवक से हो जाती। महिला शक्ति केंद्र, वन स्टॉप सेंटर, चाइल्डलाइन व बाल कल्याण अधिकारी के संयुक्त प्रयास से इस बाल विवाह को रोक दिया गया। जिला प्रोबेशन अधिकारी समर बहादुर सरोज ने बताया कि सूचना मिली थी कि बांसडीह कचहरी निवासी चौदह वर्षीया एक लड़की की शादी पंदह ब्लाक के खड़सरा निवासी 36 वर्ष के एक लड़के से होने जा रही है। 23 मई को तिलक व 28 मई को शादी तय थी। जिसके लिए रस्में शुरू थीं। बताया कि बाल कल्याण समिति से प्राप्त सूचना के आधार पर महिला शक्ति केंद्र, वन स्टॉप सेंटर, चाइल्डलाइन आ बाल कल्याण अधिकारी ने गोपनीय तरीके से योजना बनाकर बांसडीह कचहरी में हो रही चौदह वर्षीया बालिका के विवाह को रोका। महिला शक्ति केंद्र से महिला कल्याण अधिकारी पूजा सिंह ने उनके गार्जियन उनकी माता व बालिका से बात करके बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में बारे में जानकारी दी। साथ ही बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत अगर कोई बाल विवाह करता है तो दोनों पक्ष, बराती, बैंड बाजा, पंडित व मौलवी आदि भी अपराधी होंगे। जिनको दो वर्ष का कठोर कारावास या एक लाख जुर्माना हो सकता है। लड़की की मां द्वारा लिखित में इनमें दिया गया कि भविष्य में बालिका की शादी 18 वर्ष से कम में नहीं होगी। बालिका की मां ने आगे शिक्षित करने की बात स्वीकार की। हिन्दुस्थान समाचार/पंकज




