नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लड़कियों के चरित्र को लेकर की गई एक आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में मथुरा की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट ने उनके खिलाफ याचिका स्वीकार करते हुए परिवाद (कंप्लेंट) दर्ज कर लिया है। इस परिवाद के दर्ज होने के बाद अब कथावाचक अनिरुद्धाचार्य पर कानूनी रूप से केस चलेगा।
CJM कोर्ट में दर्ज हुआ परिवाद
कुछ महीने पहले कथावाचक अनिरुद्धाचार्य का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने बेटियों के चरित्र को लेकर विवादित बयान दिया था। इस मामले को लेकर ‘अखिल भारत हिंदू महासभा’ की आगरा जिला अध्यक्ष मीरा राठौर ने CJM कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। CJM कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे स्वीकार कर लिया।कोर्ट के आदेश के बाद, कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ परिवाद (Case/Complaint) दर्ज कर लिया गया है।
क्या था विवादित बयान?
विवाद की जड़ कथावाचक अनिरुद्धाचार्य का एक वायरल वीडियो है, जो अक्टूबर 2024 में तेजी से सोशल मीडिया पर फैला था। इस वीडियो में उन्होंने बेटियों को लेकर अभद्र टिप्पणी करते हुए कहा था। आजकल बेटियों की शादी 25 साल में होती है। तब तक वह कई जगह मुंह मार चुकी होती है। परिवाद दर्ज होने से अब उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। सुनवाई पूरी होने के बाद, दोष सिद्ध होने पर सजा भी सुनाई जा सकती है।
यह बयान सामने आने के बाद उनकी चारों तरफ जमकर आलोचना हुई थी और सामाजिक स्तर पर विरोध प्रदर्शन भी हुए थे। विवाद बढ़ने पर, कथावाचक की ओर से सफाई भी दी गई थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह महिलाओं का बहुत सम्मान करते हैं और उनके बयान को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया है। मीरा राठौर द्वारा CJM उत्सव राज गौरव के न्यायालय में दायर की गई याचिका के बाद अब इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी गई है।
याचिका और कानूनी कार्रवाई
इस मामले में अखिल भारत हिंदू महासभा, आगरा की जिला अध्यक्ष मीरा राठौर ने सीजेएम उत्सव राज गौरव के न्यायालय में याचिका दायर की। याचिका में अनिरुद्धाचार्य की टिप्पणी को आपत्तिजनक बताया गया और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया।
अब इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 1 जनवरी 2026 तय की गई है। इस दौरान याचिकाकर्ता के बयान दर्ज होंगे और मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार की टिप्पणियों के मामले में अदालत की जांच और बयान दर्ज करने के बाद ही सजा का निर्धारण किया जाता है।
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की टिप्पणियों को लेकर समाज में नाराजगी और विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो के वायरल होने के बाद कई लोग उनकी आलोचना कर चुके हैं, जबकि समर्थक उनका पक्ष भी रख रहे हैं। अब यह मामला अदालत में कैसे समाप्त होता है, यह आने वाले महीनों में स्पष्ट होगा।अगली सुनवाई में याचिकाकर्ता मीरा राठौर के बयान दर्ज किए जाएंगे।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, परिवाद दर्ज होने के बाद कोर्ट मामले की जांच करेगा और यदि प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाते हैं, तो कथावाचक को कोर्ट में पेश होने के लिए समन जारी किया जा सकता है।





