-हरिद्वार से वाराणसी तक प्रतिदिन के जल स्तर का चार्ट तैयार कराने का निर्देश वाराणसी, 28 मई (हि.स.)। यास चक्रवात के बीच आगामी मानसूत्र सत्र में नदियों में सम्भावित बाढ़ को लेकर जिला प्रशासन अभी से बचाव की तैयारियों में जुट गया है। शुक्रवार को जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने अपने कैम्प कार्यालय में सम्भावित बाढ़ से राहत और बचाव कार्य का खाका अफसरों के साथ मिलकर खींचा। उन्होंने राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए सभी विभागों को अपने-अपने अधिकारी व कर्मचारियों के मोबाइल नंबर की सूची तैयार कराकर एक-दूसरे तक पहुंचाने पर जोर दिया। कहा कि जिसकी ड्यूटी मौके पर होगी, उसे सीधे तौर पर सूचना दी जा सकेगी और मौके पर तत्काल राहत और बचाव का कार्य तेजी से संचालित हो सकेगा। जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग और केन्द्रीय जल आयोग के साथ समन्वय स्थापित कर हरिद्वार से वाराणसी तक प्रतिदिन के जलस्तर का चार्ट तैयार कराकर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने को कहा। जिससे अनुमान लगा कर लोगों को बाढ़ राहत शिविरों में पहुंचाने तथा राहत कार्यों को समय से संचालित करने में मदद मिल सके। बैठक में पूर्व में संचालित बाढ़ राहत कैम्पों के आसपास के हैण्ड पम्पों की जांच कर ठीक कराने तथा वाटर टैंकों को भी दुरुस्त रखने का निर्देश जल निगम के अधिकारी को दिया गया। जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी गौशालाओं की जांच कराकर जहां शेड नहीं है निर्माण करायें। उन्होंने कहा कि जाल्हूपुर में मृत पशु निस्तारण हेतु क्रिमेटोरियम का निर्माण कार्य प्रगति पर है। सीडीओ को इसके पर्यवेक्षण के लिए निर्देश दिया। गांवों में पानी के जलजमाव की शिकायतें मिलने पर उन्होंने एसडीएम को निर्देशित किया कि जल निकासी के लिये खण्ड विकास अधिकारियों के माध्यम से सुनिश्चित करायें कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल जमाव की समस्या का निदान हो। सभी पंचायत भवनों को दुरुस्त कराने के लिए जिलाधिकारी ने जल्द से जल्द प्रस्ताव तैयार करने तथा सभी सीएचसी, पीएचसी को अपग्रेड कराने के कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। राहत शिविरों में विद्युत प्रकाश व्यवस्था, बाढ़ के दौरान राहत सामग्री बांटने के लिए स्थानीय स्तर पर एजेंसी निर्धारित करने के लिए अभी से टेंडर कराये जाने के लिए निर्देश दिया। हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर/विद्या कान्त




