– देर रात जिलाधिकारी व डीआईजी ने सर्चिंग लाइटों के साथ घटनास्थल का किया मुआयना – सजेती कांड पीड़ितों के परिवार से मिलने पहुंचे एडीजी, कहा दोषी नहीं जाएंगे बख्शे कानपुर, 11 मार्च (हि.स.)। सजेती थाना क्षेत्र में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म व पीड़ित के पिता की मौत की घटना का एडीजी ने कड़ा संज्ञान लिया वह गुरुवार की देर रात जिलाधिकारी, डीआईजी के साथ पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। पीड़ितों से मिलकर घटना स्थल का मुआयना किया। सर्च लाइटों के बीच मुआयना करते हुए जांच कर पुलिस कर्मियों से कई बिंदुओं की जानकारी की। उन्होंने अधिकारियों को जांच में कई ऐसे बिंदुओं को सख्ती से बढ़ाने के निर्देश दिए, जो आरोपियों की कानून कार्यवाही में मुश्किल खड़ी करने वाली हो और अन्य अपराधी इससे सबक ले सकें। अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन (एडीजी) भानू भास्कर आज देर रात सजेती कांड की पीड़िता के घर पहुंच गए। उनके साथ ही जिलाधिकारी आलोक तिवारी व डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह, एसपी ग्रामीण ब्रजेश श्रीवास्तव भी साथ थे। गांव में पहुंच कर उन्होंने परिजनों से पूरे कांड की विस्तृत जानकारी ली। साथ ही पुलिस की कार्यशैली और हो रही कार्यवाही को लेकर भी पूछताछ की। जिसमें परिवार के सदस्यों ने स्थानीय पुलिस को कई बिंदुओं पर ऊंगली उठाई तो कई जगहों पर पुलिस कार्यवाही को बेहतर बताया। अधिकारियों की सक्रियता को देखते हुए उन्होंने धन्यवाद दिया। कहा कि स्थानीय पुलिस द्वारा शुरुआती दौर पर अगर कड़ा संज्ञान ले लिया जाता और पीड़िता को धमकाने वाले व दुष्कर्म करने वालों पर कड़ी कार्यवाही की जाती तो पीड़ित के पिता जीवित होते। इस सम्बन्ध में एडीजी ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि दोषी बख्शे नहीं जाएंगे। चाहे वो अपराधी हो या कोई खाकी में छिपा अपना ही क्यों न हो। साथ ही उन्होंने घटना स्थल का जायजा लेते हुए साक्ष्य जुटाकर जांच बिंदुओं में शामिल करने के निर्देश घटना की विवेचना करने वाले कर्मियों को दिए। हिन्दुस्थान समाचार/हिमांशु/मोहित




