उदयपुर, 24 जून (हि.स.)। उदयपुर के पूर्व महाराणा महेन्द्र सिंह मेवाड़ ने उदयपुर नगर निगम महापौर तथा आयुक्त को पत्र लिखकर समोर बाग क्षेत्र में बनाई जा रही सड़कों को लेकर चिंता जाहिर की है। उन्होंने पूर्व में भी इस सम्बंध में लिखे गए पत्र का जिक्र करते हुए कहा है कि अब तक किसी तरह की प्रतिक्रिया सामने नहीं आने पर उन्हें दोबारा पत्र लिखकर याद दिलाना पड़ रहा है। मेवाड़ ने पत्र में बताया है कि सालों से समोर बाग क्षेत्र के चारों ओर जो सड़कें बनती रही हैं, उन्हें परत दर परत चढ़ाया जाता रहा है। इससे समोर बाग की मूल चाहरदीवारी की ऊंचाई का आधा हिस्सा सड़क में जा चुका है। हाल ही स्मार्ट सिटी के कार्य के लिए कंक्रीट की सड़कें बनाई जा रही हैं लेकिन इस निर्माण में भी पूर्व की सड़क की सतह नहीं हटाई गई है। इस सम्बंध में उन्होंने 12 जुलाई 2018 को भी पत्र लिखा था और उससे पहले 16 नवम्बर 2013 को भी पत्र लिखा गया था। पत्र में बताया गया था कि दूध तलाई की ओर जाने वाली सड़क के साथ समोर की चाहरदीवारी शुरू में लगभग 8 फीट थी, अब केवल कमर ऊंची रह गई है। सड़क के स्तर में वृद्धि ने जल निकासी व्यवस्था को बाधित कर दिया है जिससे मानसून के दौरान समोर बाग में पानी भर जाता है। सड़क के किनारे से समोर बाग में प्रवेश करने तथा बाहर निकलते समय वाहन चालकों को गंभीर असुविधा होती है। समोर बाग उनका आवास भी है। चारदीवारी की ऊंचाई कम हो जाने से समोर बाग की सुरक्षा व गोपनीयता भी भंग हुई है। और तो और सड़क पर कब्जा कर फेरीवालों ने प्राकृतिक जल बहाव को पत्थर लगाकर समोर बाग की ओर मोड़ दिया है, इससे समोर बाग को नुकसान हो रहा है। मेवाड़ ने पत्र में ध्यान दिलाया है कि यदि सड़क पर पुरानी परत को हटाए बिना ही नई परत चढ़ा दी जाएगी तब उसका स्तर 4 से 6 इंच और बढ़ जाएगा। आने-जाने में परेशानी तो बढ़ेगी ही, समोर बाग के प्रवेश द्वार भी अनुपयोगी हो जाएंगे। बहता पानी समोर बाग में प्रवेश कर वहां जलभराव की स्थिति पैदा कर देगा जिससे समोर बाग को नुकसान होगा। मेवाड़ ने सड़क को इस तरह से बनाने का आग्रह किया है कि निजी संपत्ति और शहर की इस विरासत को नुकसान न पहुंचे। हिन्दुस्थान समाचार/सुनीता कौशल




