जयपुर, 19 मार्च(हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने हाईवे निर्माण कंपनी से दस लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में न्यायिक अभिरक्षा में चल रही निलंबित आरएएस पिंकी मीणा को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश इन्द्रजीत सिंह ने यह आदेश पिंकी मीणा की द्वितीय जमानत याचिका को स्वीकार करते हुए दिए। आरोपित पिंकी मीणा की ओर से कहा गया कि उसने न तो रिश्वत राशि की मांग की है और ना ही उसके कब्जे से रिश्वत राशि की बरामदगी हुई है। एसीबी के पास याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई साक्ष्य भी नहीं है। इसके अलावा मामले में एसीबी ने प्रकरण में अनुसंधान पूरा कर आरोप पत्र पेश कर दिया है। ऐसे में उसे जमानत पर रिहा किया जाए। जिसका विरोध करते हुए एएजी विभूतिभूषण शर्मा ने कहा कि एसीबी के पास आरोपी के रिश्वत मांगने की रिकॉर्डिंग है। जिससे साबित है कि आरोपी हाईवे निर्माण कंपनी से नियमित रिश्वत लेती आ रही थी। वहीं आरोपित ने रिश्वत राशि शिकायतकर्ता कंपनी के संचालक को कंपनी के ही एक कर्मचारी अमित के पास रखने को कहा था। ऐसे में उसे जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने आरोपित को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। गौरतलब है कि एसीबी ने बांदीकुई की तत्कालीन एसडीएम पिंकी मीणा और दौसा के तत्कालीन एसडीएम पुष्कर मित्तल को गत 13 जनवरी को गिरफ्तार किया था। पिंकी पर हाईवे निर्माण कंपनी से 10 लाख रुपये मांगने का आरोप है। जबकि एसीबी ने पुष्कर को पांच लाख रुपये लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। हिन्दुस्थान समाचार/पारीक/संदीप




