अजमेर, 19 अप्रैल (हिस)। सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की महाना छठी पर सोमवार को कोरोना महामारी के खात्मे के लिए विशेष दुआ की गई। कोरोना की दूसरी लहर के बीच महान सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की महाना छठी मनाई , लेकिन इस बार केवल रस्म अदायगी हुई इस दौरान राज्य सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन के अनुसार जायरीन और अन्य अकीदतमंद शामिल नहीं थे। कोरोना की भयावह स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुसार जिला प्रशासन ने दरगाह में जायरीन की आवाजाही बिल्कुल बंद कर दी है। हालत यह है कि इस बार पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन ने दिल्ली गेट, धान मंडी और दरगाह के निजाम गेट पर बड़े-बड़े बैनर लगाकर जायरीनों को सूचित कर दिया है। वही ख़ुद्दाम भी कोविड 19 महामारी पालना करते हुए पूरी दरगाह शरीफ में सोमवार को सोशल डिस्टनसिंग का ध्यान रखा। ख़ुद्दाम ने सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की महाना छठी पर कोरोना महामारी के खात्मे के लिए विशेष दुआ की गई। खादिमों की संस्था अंजुमन सैयदजादगान के सदर मोईन हुसैन ने बताया कि इस बार छठी की रस्म परंपरा के अनुसार अदा की गई। सुबह 9 बजे कुरान शरीफ की तिलावत के बाद शिजरा खानी हुई और सलातो सलाम पेश किया गया। देश-दुनिया से कोरोना महामारी के खात्मे के लिए विशेष दुआ की गई। इस मौके पर केवल छठी की रस्म अदा करने वाले खुद्दाम हजरात ही मौजूद थे। हिन्दुस्थान समाचार/संतोष/संदीप




