पाली, 13 मार्च (हि. स.)। जिला मुख्यालय के नजदीकी दयालपुरा गांव से आगे एक खेत में 17 फरवरी को मिले जले हुए शव के मामले का पुलिस ने शनिवार को खुलासा कर दिया। जला हुआ शव 55 वर्षीय मांगीलाल बंजारा का था। इस हत्याकांड में पुलिस ने बीते दिनों जिला मुख्यालय पर हुए बड़े विरोध प्रदर्शन के बाद शनिवार को मृतक मांगीलाल बंजारा के बड़े पुत्र ओमाराम तथा उसकी पत्नी संतोष को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपितों ने मांगीलाल बंजारा को पहले खाने में जहर देकर मारा था। बाद में शव को जला दिया गया। पुलिस अधीक्षक कालूराम रावत ने बताया कि सत्रह फरवरी को सदर थानाधिकारी भंवरलाल को सूचना मिली थी कि दयालपुरा गांव के आगे एक खेत में 55 वर्षीय मांगीलाल बंजारा का शव पड़ा है। अठारह फरवरी को एमओबी टीम, साईबर टीम, जोधपुर से स्वान दल, मोबाईल फॉरेसिंक टीम ने घटनास्थल का गहनता पूर्वक निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। घटनास्थल पर मांगीलाल का डेढ़ वर्षीय पालतू कुत्ता भी मृत मिला। मेडिकल बोर्ड से मृतक मांगीलाल के शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। मृतक मांगीलाल के भाई चतराराम पुत्र जस्साराम द्वारा प्रस्तुत लिखित रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सात पुलिस टीमों का गठन किया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस टीमों ने प्रथम सूचना रिपोर्ट में नामजद संदिग्धों सहित लगभग तीन दर्जन से अधिक संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की। सादा वस्त्रों में दयालपुरा व आस-पास के गांवों में कई पुलिस कर्मियों ने गोपनीय सूचना एकत्रित की। घटना के बाद से ही मृतक मांगीलाल के बड़े पुत्र ओमाराम की गतिविधियां संदिग्ध रही है। पुलिस कर्मियों को यह जानकारी भी मिली कि इस मामले मे ओमाराम बंजारा समाज के लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। पुलिस टीम ने ओमाराम की गतिविधियों पर निकटता से निगरानी रखी। 08 मार्च को जिला स्तर पर हुए बड़े स्तर के धरना-प्रदर्शन के दौरान भी पुलिस टीम ने सादा वस्त्रों में ओमाराम की गतिविधि पर निगरानी रखी व एक टीम ने गांव में ओमाराम की पत्नी संतोष पर निगरानी रखी। अन्य परिजनों से पूछताछ में यह साफ हो गया था कि 16 फरवरी को को शाम 4:30 बजे ओमाराम की पत्नी ने मृतक मांगीलाल (ससुर) के लिए भोजन तैयार किया तथा टिफिन मे पैक करके दिया। उन्होंने बताया कि विधि विज्ञान प्रयोगशाला की परीक्षण रिपोर्ट में यह प्रमाणित हो गया कि घटनास्थल पर मृत पालतु कुत्ते के विसरा में भी जहर पाया गया तथा वैसा ही जहर मौके पर मिले भोजन के अवशेषों मे भी पाया गया। पड़ताल में यह भी पता चला कि 13 फरवरी को मृतक मांगीलाल व उसके पुत्र ओमाराम व बहू संतोष के बीच विवाद व गाली-गलौच हुआ तथा मांगीलाल ने अपनी आदत के मुताबिक अपनी बहू संतोष के साथ ओमाराम के सामने अभद्र शब्दों का प्रयोग किया। आए दिन मांगीलाल द्वारा ओमाराम की पत्नी व ओमाराम के साथ गाली-गलौच व अभद्र शब्दों का प्रयोग करने से व्यथित होकर 16 फरवरी को ओमाराम व उसकी पत्नी ने मांगीलाल को मारने का षडयंत्र रचा। उन्होंने बताया कि ओमाराम की पत्नी संतोष ने भोजन में जहर मिलाकर भोजन पैक करके दिया। खेत पर मांगीलाल ने शराब पीने के बाद भोजन किया तथा अचेत हो गया। इसी दौरान ओमाराम के मन में यह विचार आया कि जहर खाने से मृत्यु होने पर उन पर आरोप लगेगा। इस कारण ओमाराम रात 10 बजे बाद घर से एक बोतल में तेल लेकर गया तथा घटनास्थल पर अचेत अवस्था में पड़े मांगीलाल पर तेल छिडक़कर आग लगा दी। इसके बाद ओमाराम वापस घर आ गया। पुलिस ने संतोष (23) पत्नी ओमाराम उर्फ ओमप्रकाश भाट तथा ओमाराम उर्फ ओमप्रकाश (23) पुत्र स्व. मांगीलाल भाट को गिरफ्तार कर लिया। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/संदीप




