जोधपुर, 13 मार्च (हि.स.)। जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग व आईसीएमआर एनआईआईआरएनसीडी के संयुक्त तत्वावधान में प्रिवेंशन एंड मैनेजमेंट ऑफ बर्न आउट इन पुलिसिंग विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एंव जवानों में लगातार बढ़ते तनाव व अवसाद के मामलों में कमी लाने के साथ ही उन्हें रिलेक्सेशन टेक्निक के माध्यम से तनाव मुक्त होकर कार्य करने की तकनीक से अवगत करवाना था। कार्यशाला में आईसीएमआर की वैज्ञानिक डॉ विकास धिकाव व डॉ. पीके आनन्द ने अधिकारियों को तनाव मुक्त रहने के वैज्ञानिक तरीको से अवगत करवाया। मनोविज्ञान विभाग के प्रोफेसर कार्यशाला के कन्वीनर प्रोफेसर एलन बुनकर ने अधिकारियों को मनोवैज्ञानिक मत व पुलिस इन्वेस्टिगेशन में काम आने वाले मनोवैज्ञानिक तकनीकों के बारे में बताया। सहायक आचार्य डॉक्टर हेमलता जोशी ने रिलेक्सेशन थेरेपी से पुलिस अधिकारी एवं जवानों को तनाव मुक्त रहने के टिप्स दिए। कार्यशाला में डॉ अजय त्रिवेदी व मुकुल परिहार ने भी अपना संबोधन देकर अधिकारियों को मनोविज्ञान के महत्व से अवगत करवाया। कार्यशाला में विभाग द्वारा किए गए इनेशिटिव के लिए डीसीपी पूर्व धर्मेन्द्र सिंह, डीसीपी मुख्यालय व यातायात राजेश मीणा, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक अनिल कयाल, एडीसीपी ट्रैफिक नाथू सिंह भाटी, एसीपी रविन्द्र बोथरा, एसीपी दरजाराम ने वीडियो सन्देश के माध्यम से सराहा। कार्यशाला ऑफलाइन व ऑनलाइन दोनों मोड़ में आयोजित की गई। इस दौरान ऑफलाइन मोड में अधिकारियो में एडीसीपी चैनसिंह महेचा, एडीसीपी रगुनाथ गर्ग, एडीसीपी अंजनां सुखवाल, सहायक पुलिस आयुक्त राजेन्द्र राठौड़, सुरेश चौधरी, दिनेश डांगी, कैलाश दान आदि अधिकारी उपस्थित रहे। हिन्दुस्थान समाचार/सतीश/संदीप




