जयपुर, 24 मार्च (हि.स.)। जिले के अतिरिक्त सत्र न्यायालय क्रम-3 ने प्रेमी के साथ आपराधिक षडयंत्र रचकर पति की हत्या करने के मामले में अभियुक्त पत्नी हीरादेवी और उसके प्रेमी के दो सहयोगियों जगदीश मीणा और हेमंत मीणा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने प्रत्येक अभियुक्त पर पन्द्रह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं प्रकरण में आरोपी प्रेमी रतनलाल मीणा की ट्रायल के दौरान मौत हो चुकी है। ट्रायल के दौरान हीरादेवी की दो नाबालिग बेटियों ने अदालत में आकर अपनी मां के खिलाफ बयान दिए। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक बीना कुमारी ने अदालत को बताया कि अभियुक्त हीरादेवी और रतनलाल के अवैध संबंध थे। घटना के दिन 8 दिसंबर 2015 को हीरादेवी ने फोन कर रतन लाल को अपने घर बुलाया। रतन लाल व दोनों अभियुक्त चौपहिया वाहन से हीरा देवी के घर पहुंचे और उसके पति रामकरण को बांधकर भीवडा घाटी में ले गए। यहां अभियुक्तों ने रामकरण को सडक़ पर लेटाकर उस पर कई बार चौपहिया वाहन का टायर चढ़ाया। जिसके चलते रामकरण की मौत हो गई। वहीं घटना को लेकर मृतक के भाई बाबूलाल ने 9 दिसंबर को आमेर थाने में मामला दर्ज कराया। जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दस दिसंबर को अभियुक्तों को गिरफ्तार कर अदालत में आरोप पत्र पेश किया। हिन्दुस्थान समाचार/ पारीक/ ईश्वर




