back to top
20.1 C
New Delhi
Saturday, March 21, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

क्षत्रिय समाज अपनी कुल परम्पराओं और अधिकारों को विस्मृत न करें – अरविन्द सिंह मेवाड़

उदयपुर, 06 जून (हि.स.)। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा (1897) की ओर से गुजरात के जड़ेजा वंश कच्छ राजवंश के तीसरे पूर्व शासक, प्रभु श्रीकृष्ण के वंशज 85 वर्षीय महाराव प्रागमल (तृतीय) के कोरोना से निधन होने पर जूम मीटींग से शोक सभा का आयोजन किया गया। महाराव प्रागमल ने अपने पश्चात उस गद्दी का कोई भी महाराव नहीं होगा ऐसी इच्छा व्यक्त की थी। उसे लेकर शोक सभा में उदयपुर राजघराने के अरविन्द सिंह मेवाड़ ने कहा कि राजा महाराजा की परम्परा व्यक्तिगत, कुलीन संविधान से चलती आई है, अतः यह उनके नियंत्रण में नहीं था कि वे इस तरह की घोषणा करें। हमें हमारी सनातन निज परम्परा का निर्वाह आवश्यक रूप से करना चाहिए क्योंकि इन पद, उपाधि एवं परम्पराओं को आगे बढ़ाने के लिए पूर्वजों ने अपूर्व बलिदान दिए थे। उनके माध्यम से ही आगे आने वाली पीढ़ी को सामाजिक दायित्व एवं कुल परम्परा को हस्तान्तरित किया जाता है। अतः वंशज को प्रतिबाध करना ठीक नहीं। क्षत्रिय समाज में इस तरह की परिपाटी पर चिन्तन हो क्योंकि यह निधि इस तरह की नहीं कि इसे तीन व्यक्तियों की कमेटी के हवाले कर दिया जाए। भौतिक सम्पत्ति का बंटवारा होता आया पर कुल के पहचान की निधि से अक्षुण्य बनाना हमारी आवश्यकता एवं जिम्मेदारी भी है। महासभा अध्यक्ष राजा मानवेन्द्र सिंह (पूर्व सांसद मथुरा), वागानेर केसरी सिंह, महाराज जसपुर, देवव्रत सिंह सिरोही, हेमेन्द्र सिंह जैसलमेर, रणसिंह जूदेव, अनिरुद्र सिंह, सतीषचन्द्र देवड़ा, तमिलनाडू सभा अध्यक्ष डाॅ. गुणा, ऋषिराज सिंह, आरती सिंह गुजरात, आशुतोष सिंह सिसोदिया ने भी श्रद्धांजलि देते हुए इस विचार का समर्थन किया कि वंश को समाप्त नहीं किया जा सकता, अतः समाज इस पर चिन्तन करेगा। कच्छभुज में आए भूकम्प के समय महाराव प्रागमल ने अन्न का भण्डारा एवं आवास उपलब्ध करवा कर इस विभीषिका से प्रभावित लोगों की मदद की थी। यह भी ज्ञातव्य है कि इनकी पत्नी प्रीति देवी (राजकुमारी त्रिपुरा) भी कोरोना से पीड़ित हैं तथा उपचाररत हैं। हिन्दुस्थान समाचार/सुनीता कौशल / ईश्वर

Advertisementspot_img

Also Read:

पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा में भगवान बलभद्र के रथ के मोड़ पर अटकने से मची भगदड़, 600 से ज्यादा श्रद्धालु हुए घायल

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क।  महाप्रभु जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथ यात्रा के दौरान इस साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पुरी पहुंचे। लेकिन रथ खींचने के दौरान अव्यवस्था...
spot_img

Latest Stories

प्रमुख देवताओं में से एक हैं Bhagwan Vishnu, जानिए पालनहार का दिव्य रूप और अवतार

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। भगवान विष्णु (Bhagwan Vishnu) हिंदू...

जतिन नाम का मतलब- Jatin Name Meaning

Meaning of Jatin /जतिन नाम का मतलब :Ascetic/तपस्वी Origin /...

Navratri में बना रही हैं साबूदाना की खिचड़ी, तब उपयोग करें इस रेसिपी का

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। नवरात्रि (Navaratri) के दौरान व्रत...

Salman khan की फिल्म मातृभूमि कब होगी रिलीज? सामने आया बड़ा अपडेट

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। सलमान खान (Salman khan) की...

मार्च के बदलते मौसम में बढ़ सकता है फ्लू का खतरा, बचाव के लिए करें ये काम

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मार्च और अप्रैल के महीने...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵