जयपुर, 24 फरवरी (हि. स.)। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2021 के दूसरे दिन बुधवार को फिक्शन, फिल्म, फूड, फेमिनिज्म, जीवनियों के साथ ही दिल को छू लेने वाले अनेक विषयों पर बात हुई, जिसमें समाज के हरेक क्षेत्र से आए वक्ताओं ने सहभागिता की। विभिन्न सत्रों में जहां एक तरफ महान फि़ल्मकार चर्चा का विषय बने, तो शब्दों के महान जादूगर दांते को भी उनकी 700वीं पुण्यतिथि पर याद किया गया। ऐनी जैदी और दीपा अनाप्पारा ने शहनाज़ हबीब के साथ चर्चा में अपनी लेखन प्रक्रिया, कल्पना के आयाम और प्रेरणा स्रोतों के बारे में बताया। कामयाब लेखक साइमन विनचेस्टर ने अपनी नई किताब लैंड : हाउ द हंगर फॉर ओनरशिप शेप्ड द मॉडर्न वल्र्ड की बात की। सत्र ऑफ़ द पीपल, फॉर द पीपल में लेखक और भारत के भूतपूर्व चुनाव आयुक्त नवीन बी. चावला, श्रीलंका के भूतपूर्व चुनाव आयुक्त महिंदा देशप्रिय, भूटान के भूतपूर्व चुनाव आयुक्त दाशो कुंजांग वांगडी और नेपाल के भूतपूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त नील कांथा उप्रेती ने चुनावी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। एक अन्य सत्र में इश्तियाक अहमद ने अपनी किताब जिन्ना : हिज़ सक्सेस, फेलियर एंड रोल इन हिस्ट्री के माध्यम से पाकिस्तान के क़ायद-ए-आज़म से जुड़े कई मिथकों को मिटाने की कोशिश की। नारीवाद पर आधारित एक खुशनुमा सत्र में लेखिका बी रोलेट, मरियम खान और सबरीना महफूज़ ने नारीवाद पर अपना नजरिया पेश किया। विपुल नाटककार और पटकथा लेखक टॉम स्टॉपर्ड की चर्चा करते हुए लेखक चंद्रहास चौधरी और हरमाइनी ली ने स्टॉपर्ड के जीवन के कई आकर्षक तथ्यों को उजागर किया। हॉथॉन्र्डेन ट्रस्ट द्वारा आयोजित सत्र के दौरान ली ने बताया कि उनके लेखन के माध्यम से उन्होंने एक कलात्मकता पाई। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/ ईश्वर




