back to top
28.1 C
New Delhi
Monday, March 16, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

किसानों ने जलाई कृषि कानूनों की होली, खेतों की मिट्टी से किया तिलक

अलवर, 29 मार्च (हि.स.)। जिले के समीपवर्ती शाहजहांपुर खेड़ा बॉर्डर पर किसानों ने होली नहीं मनाने का फैसला किया था। इसके अनुरूप यहां पहले किसानों ने होली दहन में नए कृषि कानूनों की कॉपी जलाई तथा केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और तीनों नए किसी कानून वापस लेने की मांग की । इसके बाद सोमवार को खेत की मिट्टी से किसानों ने एक-दूसरे को तिलक लगाकर होली की बधाई दी। देश में अभी तक किसान आंदोलन के दौरान 300 से ज्यादा किसानों की शहादत हो चुकी है। ऐसे में शाहजहांपुर खेड़ा बॉर्डर पर किसानों ने होली नहीं मनाने का फैसला किया था। संयुक्त किसान मोर्चा ने 28 मार्च को किसान विरोधी तीनों कानूनों की प्रतियों को होलिका दहन में जलाया। सीमाओं पर डटे आंदोलनकारी किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर तीनों कानूनों की प्रतिया जलाकर विरोध दर्ज कराया। शाहजहांपुर-खेड़ा बॉर्डर पर बीती शाम 7 बजे किसान-विरोधी कानूनों की होली जलाई गई। इसके बाद हुई आम सभा को संबोधित करते हुए किसान-वक्ताओं ने कहा कि दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के धरनों को 4 महीने हो चुके हैं। किसानों ने हर प्रतिकूल मौसम और परिस्थितियों में अपने आप को मजबूत रखते हुए तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ अपनी लड़ाई को शांति और अनुशासन के साथ आगे बढ़ाया है। इस आंदोलन के दौरान 310 के करीब किसान शहीद हो चुके हैं। सैंकड़ों किसान सडक़ दुर्घटनाओं और अन्य कारणों से बीमार भी हुए हैं। सरकार का किसानों के आंदोलन के प्रति घोर असंवेदनशील रवैया और अमानवीय व्यवहार रहा है। सरकार ने अपने आपको पूरी तरह से किसानों से अलग-थलग कर रखा है। किसान नेताओं ने कहा कि हमारा आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा। यह किसानों की ताकत है। भाजपा और उसके सहयोगी दलों के नेता इस आंदोलन और किसानों के खिलाफ बयानबाजी से किसानों को उकसाते रहे हैं। इन नेताओं की ओर से शहीद किसानों तक का अपमान किया गया। इन सब के कारण और कृषि कानूनों के विरोध के संदर्भ में किसानों ने भाजपा और इसके सहयोगी दलों के नेताओं का सामाजिक बहिष्कार किया हुआ है। संयुक्त किसान मोर्चा सभी किसानों से अपील की है कि अब तक शांतिपूर्वक चल रहे आंदोलन को इसी तरह शांतिपूर्ण बनाए रखे। किसान आंदोलन अब दिल्ली की सीमाओं से देश के कोने-कोने में फैल रहा है। किसानों का यह ऐतिहासिक आंदोलन जरूर सफल होगा। यहां धुलण्डी के दिन सोमवार को किसानों ने खेतों की मिट्टी को चेहरों पर तिलक के रूप में लगाया। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/ ईश्वर

Advertisementspot_img

Also Read:

फडणवीस सरकार की अधूरी कर्जमाफी, महाराष्‍ट्र में किसान फिर सड़कों पर, अधूरा वादा बढ़ा रहा सियासी ताप

नई दिल्‍ली, रफ्तार डेस्‍क । महाराष्ट्र में कृषि ऋण माफी को लेकर बढ़ते आंदोलन ने महा-युति सरकार की चिंता बढ़ा दी है। चुनावी वादे...
spot_img

Latest Stories

हफ्ते के पहले दिन शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव, Sensex-Nifty कभी लाल तो कभी हरे निशान पर

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार,...

Rajpal Yadav Birthday: पहले करते थे दर्जी का काम, फिर यूं पलटी किस्मत आज बन गए बॉलीवुड स्टार

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। आज के समय में सिनेमाघर...