Earthquake in Jaipur: जयपुर और मणिपुर में आया भूकंप, हिली धरती, लोगों ने सड़क पर पढ़ी हनुमान चालीसा

Rajasthan News: पिंक सिटी के नाम से मसहूर जयपुर में शुक्रवार को सुबह 4 बजकर नौ मिनट पर 4.4 तीव्रता का भूकंप आया। वहीं, मणिपुर के उखरुल में भी सुबह 05:01 बजे 3.5 तीव्रता का भूकंप आया था।
Earthquake in Jaipur
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नई दिल्ली/जयपुर, रफ्तार न्यूज डेस्क। राजस्थान की राजधानी और पिंक सिटी के नाम से मसहूर जयपुर में शुक्रवार को सुबह 4 बजकर नौ मिनट पर 4.4 तीव्रता का भूकंप आया। जयपुर में सुबह 04:09 से 04:25 तक भूकंप के तीन झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटके इतने तेज़ थे कि लोगों की नींद भूकंप के झटकों से खुल गई। जिसके बाद लोग घबराकर अपने घरों से बाहर सड़कों पर निकल कर आ गए। जयपुर शहर के परकोटे में लोग सड़कों पर आकर हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे। वहीं, मणिपुर के उखरुल में भी सुबह 05:01 बजे 3.5 तीव्रता का भूकंप आया था।

भूकंप के तीन झटके हुए महसूस

नेशनल सेंटर ऑफ सीस्मोलॉजी की वेबसाइट के मुताबिक, भूकंप सुबह 4:09 बजे आया। आपको बता दें राजधानी में भूकंप का पहला झटका 4:09 पर आया, जिसकी रिएक्टर स्केल पर तीव्रता 4.4 थी। दूसरा झटका 4:22 पर आया, जिसकी तीव्रता 3.2 और तीसरा झटका 4:25 पर आया, जो 3.4 तीव्रता का था। फिलहाल प्राप्त जनकारी के अनुसार इस भूकंप से जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं मिली है।

लोगों ने पढ़ी हनुमान चालीसा

भूकंप के दौरान जयपुर शहर के परकोटे में लोग सड़कों पर आकर हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे। रामगंज बाजार, सी स्कीम, सोडाला, जगतपुरा, मानसरोवर, प्रताप नगर, मालवीय नगर, टोंक रोड, सांगानेर, मुरलीपुरा, सीकर रोड, अजमेर रोड, दिल्ली रोड, आगरा रोड सभी जगह लोग घरों और अपार्टमेंट से बाहर निकल आए। जयपुर से लेकर खाटूश्यामजी तक लोग एक दूसरे की कुशलक्षेम फोन के जरिए लेने में जुट गए।

भूकंप में कैसे सुरक्षित रहें?

भूकंप के दौरान आप खुद को जितना हो सके सुरक्षित रखें। इसके लिए आपको कुछ जरुरी सवधानियां बरतने की जरुरत होती है। कुछ भूकंप वास्तव में भूकंप से पहले के झटके होते हैं, और बड़ा भूकंप कुछ देर में आ सकता है। इस लिए आपको ये सवधानियां बरतने की जरुरत है।

  • अपनी हलचल एकदम कम कर दें और नजदीकी सुरक्षित स्थान तक पहुंचें

  • तब तक घर के अंदर रहें जब तक कि भूकंप बंद न हो जाए और आप सुनिश्चित हों कि बाहर निकलना सुरक्षित है।

  • घर के अंदर जमीन पर लेट जाएं।

  • एक मजबूत टेबल या फर्नीचर के अन्य टुकड़े के नीचे बैठकर खुद को कवर कर लें।

  • कमरे के कोने में, टेबल के नीचे या बिस्तर के नीचे छिपकर अपने सिर और चेहरे को बचाएं।

  • कांच, खिड़कियां, दरवाजे, दीवारें और जो कुछ भी गिर सकता है (जैसे झूमर) उससे दूर रहें।

  • यदि अपके सोते समय भूकंप आए तो बिस्तर पर ही रहें, बस अपने सिर को तकिये से सुरक्षित करें।

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