बीकानेर, 24 जून (हि.स.)। अखिल भारतीय जैन अल्पसंख्यक महासंघ के बैनर तले स्थानीय प्रतिनिधि मण्डल ने प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन पेश करते हुए अनोप मण्डल/अनूप मण्डल संगठन पर प्रतिबंध की मांग की है। जैन अल्पसंख्यक महासंघ के संभागीय संयोजक संतोष बांठिया ने बताया कि अनोप/अनूप मण्डल अराजक, असामाजिक, अपराधिक, अपराधिक गतिविधियों में लिप्त है जो कि राजस्थान और गुजरात के साथ महाराष्ट्र में भी क्रियाशील है। इन संगठन के कार्यकत्र्ता जैन समाज के शांति प्रिय साधु-साध्वियों पर निरंतर हमले कर रहा है, उनके बारे में अनर्गल बाते कर रहा है। बांठिया ने बताया कि इस संगठन के खिलाफ हाईकोर्ट से भी आदेश पारित हुए है लेकिन अभी तक कोई उचित कार्यवाही नही हुई है। हमारे संगठन अखिल भारतीय जैन अल्पसंख्यक महासंघ ने पत्र लिखकर अनूप मंडल को वैमनस्यता, सामाजिक सौहार्द दुषित करने, जैन व हिन्दु धर्म के विरूद्ध गैरकानूनी गतिविधियां करने के लिये द अनलोफुल एक्टिविटीज (प्रिवेशन) एक्ट 1967 के सेक्शन 3 व 4 के प्रावधानों के अंतर्गत गैरकानूनी संगठन अधिसूचित करने एवं अनोप/अनूप मंडल को सम्पूर्ण भारतवर्ष में पूर्णतया प्रतिबंधित संगठन करने के मांग करता है। बांठिया ने बताया कि 1957 से पूर्ववत ही यह संगठन राजस्थान सरकार द्वारा प्रतिबधिंत है इसके बावजूद इनका साहित्य, प्रचार प्रसार के सामग्री सोशल मीडिया में खुलेआम उपलब्ध है व इसके अधिकारी खुले आम प्रचार प्रसार कर विधिक अवहलेना कर रह है। हिन्दुस्थान समाचार/राजीव/संदीप





