डूंगरपुर, 05 मई (हि.स.)। कोरोना महामारी की दूसरी लहर के तेज बढ़ते संक्रमण से गंभीर संक्रमित रोगियों तक अपनी पहुंच बनाने, कोरोना के प्रारंभिक लक्षणों पर लापरवाही नही बरतने एवं समय पर चिकित्सालय पहुंचने हेतु जागरूक करने के लिए भरी गर्मी में भी प्रशासन के आला अधिकारियों सहित लगभग दो दर्जन से अधिक अधिकारियों ने बुधवार को भी गांव-गांव तक दौड़ लगाई। जिला कलेक्टर सुरेश ओला के निर्देशन में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को नियंत्रित करने एवं गंभीर संक्रमित तक अपनी पहुंच बनाने हेतु डूंगरपुर जिला प्रशासन द्वारा “मेरा वार्ड, मेरा गांव-मेरा जिला कोरोना मुक्त अभियान” के तहत दूसरे दिन बुधवार को भी झौंथरी एवं चिखली पंचायत समितियों के गांवों में डोर-टू-डोर पहुंचकर कोविड संक्रमित, होम आईसोलेट, प्रवासियों, आरटीपीसीआर जांच, मेडिकल कीट की उपलब्धता एवं उपयोग, डोर-टू-डोर सर्वे की वस्तुस्थिति, विवाह आयोजन सहित चेक लिस्ट पर आधारित महत्वपूर्ण जानकारियां ली। अतिरिक्त जिला कलेक्टर कृष्णपाल सिंह चौहान पंचायत समिति झौंथरी के महुडी, वासुवा गांव में पहुंचे जबकि मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंजली राजोरिया ने गोरादा, वैजा पहुंच कर होम आइसोलेट लोगों से संवाद कर जानकारी ली। उन्होंने लोगों से सीधा संवाद कर लापरवाही नही बरतने की अपील की। उन्होंने लोगों से कहा कि कोरोना होने पर छुपायें नही जैसे अन्य बीमारी है वैसे ही इसमें भी प्रारंभिक लक्षण पर ही चिकित्सक को बतायें। बराबर दवाई ले तथा ऑक्सीजन लेवल कम होने अथवा गंभीर संक्रमित होने या सांस लेने में तकलीफ होने पर तत्काल ही चिकित्सालय पहुंचे, इस बात में देरी ना करें। उन्होंने लोगों से अन्य लोगों को भी जागरूक करने की अपील की। उन्होंने कोविड गाइडलाइन की पालना के लिए पाबंद किया। साथ ही शादी समारोह का भी निरीक्षण करते हुए दोनों ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत स्तरीय कोर कमेटी से घर-घर सर्वे की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए। सभी अधिकारियों द्वारा निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत कोर कमेटी के सदस्यों के साथ ग्राम पंचायत में पॉजिटिव केसेज के होम आइसोलेशन एवं बाहर से आगन्तुक ग्राम के प्रवासी व्यक्तियों से मुलाकात कर होम क्वारंटीन पालना की जांच की गई। साथ ही कोरोना पॉजिटिव के सम्पर्क में आने वाले व्यक्तियों की आरटीपीसीआर जांच की स्थिति तथा मेडिकल दल द्वारा उपलब्ध करवायी गई चिकित्सा किट की उपलब्धता एवं लक्षणों वाले संदिग्धों द्वारा दवा ली जा रही है या नहीं, इसका भी सीधा संवाद कर जानकारी ली। चिकित्सा विभाग द्वारा डोर-टू-डोर सर्वे की जा रही सर्वे की वस्तुस्थिति की जानकारी लेकर समीक्षा की तथा अब तक किये गये सर्वे का भौतिक सत्यापन कर जानकारी ली गई। इसके साथ ही शादियों के दौरान कोविड गाईड लाईन की पालना करने हेतु पाबंद किया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों द्वारा पॉजिटिव केसेज की मॉनिटरिंग, होम आइसोलेशन की पालना सुनिश्चित करने तथा उल्लंघन की स्थिति की वास्तविक स्थिति समीक्षा करते हुए कार्रवाई की गईं। जिला कलेक्टर ओला ने बताया कि अमूमन यह देखने में आ रहा है कि लोग प्रारंभिक लक्षण होने पर भी लापरवाह बने हुए हैं तथा ऑक्सीजन लेवल बहुत कम होने पर ही अस्पताल पहुंच रहे हैं। ऐसे में इस प्रयास से हम ऐसे लोग जिनका ऑक्सीजन सैचुरेशन कम है, पहली स्टेज में ही उन तक पहुंच सकेगे, जिससे कि उन्हें गंभीर स्थिति का सामना नही करना पडे तथा जीवन बचाया जा सकें। हिंदुस्थान समाचार / संतोष व्यास/संदीप




