जयपुर, 05 मार्च (हि. स.)। प्रदेश में प्लास्टिक थैलियों के उपयोग पर दण्डात्मक कार्रवाई के तहत गुजरे दो सालों में स्वायत्त शासन विभाग ने लगभग 265 टन प्लास्टिक कैरी बैग्स जब्त कर लगभग 2 करोड़ 98 लाख की शास्ति आरोपित की है। विधायक श्रीमती शकुंतला रावत के लिखित सवाल पर पर्यावरण मंत्री सुखराम विश्नोई ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 21 जुलाई 2010 की अधिसूचना द्वारा राज्य में प्लास्टिक कैरी बैग्स के उपयोग, निर्माण स्टोर, आयात, ब्रिकी या परिवहन पर प्रतिबन्ध लगा दिया था। राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मण्डल द्वारा प्लास्टिक कैरी बैग्स के उपयोग, विनिर्माण, भंडारण, आयात, विक्रय एवं परिवहन पर प्रतिबंध को सुनिश्चित करने के लिए जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1974 एवं वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1981 के अन्तर्गत प्लास्टिक कैरी बैग्स के विनिर्माण के लिए किसी भी इकाई को स्थापना/संचालन को सम्मति जारी नहीं की गई है। वर्तमान में राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के अभिलेखों के अनुसार राज्य में पॉलिथिन कैरी बैग्स बनाने वाली कोई भी उत्पादन ईकाई राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मण्डल की सम्मति प्राप्त कर कार्यरत नहीं है। उन्होंने बताया कि स्वायत्त शासन विभाग के अनुसार गत 2 वर्षों में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2016 के अनुसार प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट एक्शन प्लान 2019 बनाया गया है तथा स्टेट लेवल मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी द्वारा प्रत्येक 6 माह में एक्शन प्लान की प्रगति की समीक्षा की जाती है। प्रदेश में आदिनांक तक प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के लिए 66 एमआरएफ (मेटेरियल रिकवरी फेसीलिटी) का निर्माण करवाया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य प्रदूषण नियंंत्रण मण्डल द्वारा प्लास्टिक कैरी बैग्स पर लगाए गए प्रतिबंध को सुनिश्चित करने के लिए राज्य मण्डल के क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा प्रदेश में समय-समय पर अभियान चलाकर प्लास्टिक कैरी बैग्स का उपयोग, विनिर्माण करने वाले प्रतिष्ठानों व ईकाइयों के विरूद्ध कार्रवाई की जाती है। क्षेत्रीय कार्यालयों से प्राप्त सूचना के आधार पर पिछले 2 वर्षो में पर्यावरण (सरंक्षण) अधिनियम 1986 की धारा 19 के अंतर्गत 36 प्रतिष्ठानों व इकाइयों के विरूद्ध विभिन्न न्यायालयों में परिवाद दायर किये गये हैं। जिसमें जोधपुर में 1 उद्योग के विरूद्ध जिला उपखण्ड अधिकारी द्वारा परिवाद दायर किया गया है, जो कि वर्तमान में मुख्य न्यायिक दण्डनायक जोधपुर में विचाराधीन है। जयपुर जिले में अवैध रूप से प्लास्टिक कैरी बैग बनाने की इकाई भी पकड़ी गई, जिसके विरुद्ध पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 की धारा 5 के अंतर्गत बंद करने के आदेश 18 जुलाई 2019 को जारी किए गए है एवं इकाई के विरुद्ध 10 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षति पूर्ति आधिरोपित की गई है। उन्होंने बताया कि स्वायत्त शासन विभाग ने गुजरे दो सालों में लगभग 265 टन प्लास्टिक कैरी बैग्स जब्त कर लगभग 2 करोड़ 98 लाख की शास्ति आरोपित की है। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/संंदीप





