नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। वर्ष 2027 में प्रस्तावित पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के संभावित गठबंधन को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। बीजेपी नेता और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के एक बयान के बाद अब शिअद नेता और सांसद हरसिमरत कौर बादल ने इस विषय पर प्रतिक्रिया दी है।कौर ने बीजेपी के साथ अलायंस के सवाल पर शर्त रखते हुए कहा कि बीजेपी-शिअद के बीच गठबंधन तभी संभव है जब पंजाब के मुद्दों को सुलझाया जाए।
पंजाब के हितों से समझौता नहीं
पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने कहा कि शिअद हमेशा पंजाब, पंजाबियों और पंजाबियत के लिए खड़ी रही है और आगे भी रहेगी।उन्होंने याद दिलाया कि उन्होंने केंद्र में मंत्री पद से इसलिए इस्तीफा दिया था क्योंकि यह किसानों के हित में था।उन्होंने स्पष्ट किया, हम एक ऐसी पार्टी हैं जिसने कभी भी पंजाब के हितों और अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया।
”बीजेपी को जमीन की हकीकत पता है”
सांसद कौर ने बीजेपी नेताओं की पंजाब में जमीनी हकीकत को लेकर भी टिप्पणी की।उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह और बीजेपी नेता सुनील जाखड़ का जिक्र करते हुए दावा किया कि इन नेताओं को पता है कि शिअद के बिना बीजेपी कभी पंजाब में चुनाव नहीं जीत सकती है।उन्होंने कटाक्ष किया कि दिल्ली में बैठे बीजेपी के सलाहकार उन्हें गलत मशवरे दे रहे हैं।
“गठबंधन हुआ तो स्वार्थी लोगों की दुकानें बंद हो जाएंगी”
हरसिमरत कौर ने यह भी दावा किया कि अगर पंजाब में शिअद के साथ गठबंधन होता है, तो निजी स्वार्थों की पूर्ति के लिए जो लोग अभी बीजेपी के साथ हैं, उनकी ‘दुकानें बंद हो जाएंगी’।कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हाल ही में एक साक्षात्कार में कहा था कि 2032 तक शिअद-बीजेपी के बीच गठबंधन नहीं हो सकता है। इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए कौर ने अमरिंदर सिंह की बात को सही ठहराया।उनकी बात बिल्कुल सही है। 2032 तक भी गठबंधन की संभावना नहीं है। हाँ, अगर पंजाब के मुद्दों को समझा और सुलझाया जाएगा तो गठबंधन हो सकता है। हरसिमरत कौर ने पंजाब केसरी को दिए साक्षात्कार में कहा कि उनकी पार्टी चाहे कभी सत्ता में न आए, लेकिन वे हमेशा पंजाब और पंजाबियों के हक की बात करते रहेंगे।





