नई दिल्ली, रफ्तार। पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में सुबह-सुबह आपस में दो मालगाड़ियां टकरा गईं। एक मालगाड़ी का इंजन पलटकर पास के ट्रैक से गुजर रही पैसेंजर ट्रेन से टकरा गया। दुर्घटना में मालगाड़ी के 2 लोको पायलट घायल हैं। उन्हें पटियाला के राजिंद्रा अस्पताल रेफर किया गया है। इस हादसे ने बीते साल ओडिशा के बालासोर में हुई रेल दुर्घटना की याद दिला दी। उस हादसे में रेलवे ट्रैक पर पहले से खड़ी ट्रेन को दूसरी ट्रेन ने टक्कर मारी थी। इस दौरान वहां से गुजर रही तीसरी ट्रेन भी हादसे की शिकार हुई थी। उस हादसे में 293 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। 1 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए थे, लेकिन यहां ट्रेनों की स्पीड धीमी होने के कारण बड़ा हादसा टल गया।
पहले से खड़ी मालगाड़ी में मारी टक्कर
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के न्यू सरहिंद स्टेशन पर कोयले से भरी मालगाड़ी खड़ी थी। इस ट्रेन को रोपड़ जाना था। इसी ट्रैक पर पीछे से कोयले से भरी दूसरी ट्रेन आई और उसने पहले से खड़ी मालगाड़ी में पीछे से टक्कर मार दी, जिससे मालगाड़ी का इंजन पलट गया। तभी कोलकाता-जम्मूतवी समर स्पेशल ट्रेन (04681) अंबाला से लुधियाना की तरफ जाने के लिए निकली। यह ट्रेन न्यू सरहिंद स्टेशन के पास पहुंची तो इसकी स्पीड धीमी थी। इस दौरान दो मालगाड़ियों की टक्कर हुई और टक्कर के बाद इंजन पलटकर पैसेंजर ट्रेन से टकराया।
पैसेंजर ट्रेन को थोड़ा नुकसान
पैसेंजर ट्रेन की रफ्तार धीमी थी। इस वजह से ड्राइवर ने फौरन ट्रेन रोकी और एक बड़ा हादसा टल गया। ट्रेन को आंशिक नुकसान पहुंचा है। जबकि, ट्रैक का बुरा हाल हो गया। पैसेंजर ट्रेन को दूसरा इंजन लगाकर राजपुरा भेजा गया है। ट्रैक सुधारने का काम भी शुरू कर दिया गया है।
लोको पायलट को सिर में लगी चोट
फतेहगढ़ साहिब के सिविल अस्पताल में डॉ. इरविन प्रीत कौर ने बताया कि हादसे के बाद दो लोको पायलट विकास कुमार और हिमांशु कुमार निवासी सहारनपुर, उत्तर प्रदेश निवासी लाए गए थे। विकास को हेड इंजरी है। हिमांशु की पीठ में चोट लगी है। दोनों को फर्स्ट एड देकर पटियाला रेफर कर दिया गया।
अंबाला-लुधियाना लाइन ठप
सरहिंद के GRP थाना प्रभारी रतनलाल ने बताया कि पैसेंजर ट्रेन अंबाला की तरफ आ रही थी। वह सरहिंद स्टेशन पर खड़ी थी, तभी हादसा हो गया। हादसा कैसे हुआ, यह जांच का विषय है। रेलवे विभाग द्वारा विभिन्न पहलुओं पर जांच की जा रही है। जांच का मुख्य बिंदु है कि जब पहले से एक मालगाड़ी लाइन पर खड़ी थी तो उसी लाइन पर दूसरी गाड़ी कैसे आ गई? अगर, मालगाड़ी को उसी लाइन पर आने का सिग्नल मिला तो सामने खड़ी दूसरी गाड़ी को ड्राइवर क्यों नहीं देख पाया। दूसरी तरफ, अंबाला से लुधियाना अप लाइन ठप है। यहां से गुजरने वाली हर गाड़ी को डायवर्ट किया गया है। अंबाला डिवीजन के DRM समेत रेलवे, GRP और RPF के सीनियर अधिकारी भी मौके पर पहुंचे हैं।
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