नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पंजाब सरकार ने राज्य के तीन प्रमुख धार्मिक शहरों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अमृतसर के चारदीवारी क्षेत्र (वॉल्ड सिटी), श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो (श्री दमदमा साहिब) को आधिकारिक तौर पर पवित्र शहर घोषित कर दिया गया है। राज्यपाल की मंजूरी से जारी अधिसूचना में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक शेखर ने कहा कि यह घोषणा धार्मिक स्थलों की पवित्रता और धार्मिक गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।
शराब और नशीले पदार्थों पर प्रतिबंध
सरकार ने आबकारी विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन तीनों शहरों की नगरपालिका सीमाओं के भीतर शराब और उससे जुड़े सभी उत्पादों की बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए। माना जा रहा है कि जल्द ही शराब के ठेकों को बंद करने या उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट करने की अधिसूचना जारी की जाएगी। इसी तरह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को निर्देशित किया गया है कि सिगरेट, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री और उपयोग पर भी रोक लगाई जाए।
मांस और पशुपालन संबंधी प्रतिबंध
पशुपालन विभाग को भी आदेश दिए गए हैं कि अमृतसर के चारदीवारी क्षेत्र, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो में मांस और उससे जुड़े उत्पादों की बिक्री और उपयोग पर रोक लगाई जाए। यह कदम धार्मिक भावनाओं के सम्मान और शहरों की पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
स्थानीय प्रशासन को कार्रवाई के निर्देश
स्थानीय प्रशासन को अधिसूचना भेजकर कार्रवाई के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। अमृतसर, रूपनगर और बठिंडा के उपायुक्तों को भी इस फैसले की जानकारी दी गई है, ताकि वे नगरपालिकाओं के भीतर नियमों को प्रभावी रूप से लागू कर सकें।
धार्मिक महत्व और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
अमृतसर सिख धर्म का सबसे बड़ा धार्मिक केंद्र है, वहीं श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो भी सिख इतिहास और आस्था से गहराई से जुड़े हैं। सरकार का कहना है कि इन शहरों को पवित्र घोषित करना और शराब, मांस व नशीले पदार्थों पर प्रतिबंध लगाना धार्मिक वातावरण को सुरक्षित और पवित्र बनाए रखने के लिए जरूरी था।
यह फैसला राज्य की धार्मिक नगरीयों में शांति और अनुशासन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक स्थल और भी पवित्र और सम्मानजनक बने रहेंगे।





