नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। मणिपुर के जिरिबाम जिले में सोमवार से लापता हुए छह लोगों में से तीन के शव शुक्रवार देर शाम असम-मणिपुर सीमा के पास स्थित जिरिमुख में मिले हैं। इन तीन लोगों को कुछ दिन पहले जिरिबाम के एक कैम्प से अगवा कर लिया गया था। अधिकारियों के अनुसार, शवों को नदी में बहते हुए पाया गया जिनमें से दो बच्चों और एक महिला के शव शामिल हैं।
शवों की पहचान और पोस्टमार्टम
अभी तक इन शवों की पहचान नहीं हो पाई है लेकिन जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार ये तीन शव उन्हीं छह लापता लोगों में से हैं। अधिकारियों ने बताया कि शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। यह पोस्टमॉर्टम असम के सिलचर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में किया जाएगा क्योंकि जिरिबाम में बुनियादी सुविधाओं की कमी है। शवों की पहचान के लिए अधिकारियों ने तस्वीरें एकत्र की हैं और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
राज्य में तनाव और सुरक्षा बढ़ाई गई
शवों के मिलने की खबर फैलते ही मणिपुर के इंफाल घाटी में तनाव बढ़ गया। राज्य के पांच जिलों में स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। ऐसे में सुरक्षा के लिहाज से शनिवार को स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने शवों के मिलने की खबर के बाद स्थिति पर चर्चा करने के लिए शुक्रवार रात को वरिष्ठ मंत्रियों के साथ बैठक की।
क्या है पूरा मामला?
सोमवार 4 नवंबर को मणिपुर के जिरीबाम जिले में वर्दी पहने और आधुनिक हथियारों से लैस उग्रवादियों ने एक पुलिस थाने और पास के सीआरपीएफ कैंप पर ताबड़तोड़ गोलीबारी की। इसके बाद सुरक्षा बलों के साथ भीषण मुठभेड़ हुई जिसमें ग्यारह संदिग्ध उग्रवादी मारे गए। एक दिन बाद वही उग्रवादी समूह ने जिले के एक क्षेत्र से छह नागरिकों जिनमें मैतेई समुदाय की महिलाएं और बच्चे भी थे उनका अपहरण कर लिया था।





