नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) अध्यक्ष शरद पवार ने शनिवार को पुणे स्थित वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट में अपने भतीजे और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार से मुलाकात की। जिसके बाद महाराष्ट्र में सियासी हलचल पैदा हो गई है। इस मुलाकात को लेकर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने तीखी टिप्पणी की है।
सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त शोध संस्थान वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में इन दोनों के अलावा एनसीपी (एसपी) नेता जयंत पाटिल और एनसीपी के दिलीप वाल्से पाटिल भी शामिल हुए। राउत, जिनकी पार्टी एनसीपी (एसपी) और कांग्रेस के साथ महा विकास अघाड़ी गठबंधन का हिस्सा है, उन्होंने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) के नेता पार्टी छोड़कर जाने वालों से कोई संपर्क नहीं रखते।
‘जिन्होंने हमारी पार्टी को तोड़ा है उन्हें सबक सिखाएंगे’
राउत ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली प्रतिद्वंद्वी शिवसेना के नेताओं का हवाला देते हुए कहा, “उनके बीच सबकुछ ठीक चल रहा है…हम शिवसेना छोड़ने वालों से कोई संपर्क करने की कोशिश भी नहीं करते। जिस तरह से उन्होंने महाराष्ट्र को धोखा दिया और पीठ में छुरा घोंपा…हम उनके करीब भी नहीं जाएंगे।” उन्होंने कहा कि एनसीपी और एनसीपी (एसपी) के नेता वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट जैसे संस्थानों का हिस्सा हैं और उनकी पार्टी के पास ऐसा कुछ नहीं है। ” उनके (एनसीपी गुटों के नेताओं) पास वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट, विद्या प्रतिष्ठान, रयत शिक्षण संस्थान जैसे संस्थान हैं। हमारे पास ऐसा कुछ नहीं है। हम (पूर्व पार्टी सहयोगियों के साथ) ऐसी बैठकें नहीं करते हैं और अगर ऐसी बैठक की संभावना होती है, तो हम इससे बचते हैं। हम राजनीति में संवाद करने में विश्वास नहीं करते। हम उन लोगों से लड़ते रहेंगे जिन्होंने हमारी पार्टी को तोड़ा है और उन्हें सबक सिखाएंगे,”
जयंत पाटिल के अजित गुट में शामिल होने की थी चर्चाएं
जयंत पाटिल के अजित पवार गुट में शामिल होने को लेकर लंबे समय से अटकलें लगाई जा रही थीं। इस बीच, एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने अपनी पार्टी के सहयोगी जयंत पाटिल और उनके चचेरे भाई अजित पवार के बीच हुई बैठक को कोई तूल देने से बचते हुए प्रतिक्रिया दी। हालांकि, जयंत पाटिल ने इन सभी अफवाहों का खंडन किया है।
गौरतलब है कि पिछले महीने राउत ने शरद पवार द्वारा 2022 में शिवसेना को विभाजित करने वाले शिंदे को सम्मानित करने और उनकी प्रशंसा करने पर नाराजगी जताई थी। इस बीच, एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने बैठक के महत्व को कमतर आंकते हुए कहा कि वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट में सभी दलों के लोग सदस्य हैं। गवर्निंग काउंसिल की बैठक में चीनी उद्योग, किसानों और संबद्ध व्यवसायों और नई तकनीक से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। यह एक अकादमिक बैठक है, जिसमें किसी राजनीति या राजनीतिक विचारधारा पर चर्चा नहीं की जाती है। अजीत पवार ने यह भी कहा कि चीनी क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए बैठक हुई। उन्होंने कहा, “हम सभी वीएसआई के सदस्य हैं और हमने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग जैसे चीनी क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए बैठक की।”





