नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। पुणे हिंट एंड रन मामले में नाबालिग आरोपी के खिलाफ मामला पुणे के जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) में मुकदमा दायर है। इस जघन्य अपराध में नाबालिग आरोपी को 15 घंटे के अंदर जमानत मिल गई है। आपको बता दें कि नाबालिग आरोपियों की सज़ा बालिग आरोपियों से कम होती है।
इस तरह के मामले में नाबालिग और बालिग के लिए क्या कहता है कानून?
भारतीय कानून के नियमों के अनुसार, इस तरह के वारदात में नाबालिग और बालिग दोनों को कानून दो अलग-अलग चश्मों से देखता है। बालिगों को शराब पीकर गाड़ी चलाने में जहां सख्ती के नाम पर ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी है तो वहीं दूसरी ओर नाबालिगों को छुट दी जाती है। कम उम्र के चलते नाबालिगों से नर्मी से मामले को सुलझाया जाता है।
बालिगों के लिए क्या है नियम?
1. बालिग यानि कि भारतीय कानून के अनुसार, जिसकी उम्र 18 या उससे उपर हो।
2. बालिग आरोपियों को 10 हजार रुपये या उससे अधिक का फाइन लग सकता है।
3. 6 महीने या उससे अधिक की सज़ा मिलने का प्रावधान भी इसमें शामिल है।
4. पहली बार अपराध करने पर ड्राइवर का लाइसेंस कुछ समय के लिए बैन कर दिया जाता है।
5. 3 साल के अंदर अगर आरोपी फिर से अपनी गलती दोहराचता है तो उसे 3 साल की जेल हो सकती है।
नाबालिगों के लिए क्या है नियम?
1. नाबालिग आरोपियो की श्रेणी में 18 साल के नीचे के बच्चे आते हैं, अगर नाबालिग शराब पीकर गाड़ी चलाते हैं तो उनके माता-पिता या गार्डियन के खिलाफ मुकदमा दर्ज होता है।
2. ऑबजरवेशन हॉम में 3 साल के लिए नाबालिग को भेजने का प्रावधान शामिल है साथ ही ऐसे केस में 25 हजार रुपये की पैनल्टी भरने का भी प्रावधान है।
3. गाड़ी का रजिस्ट्रैशन 1 साल के लिए कैंसिल कर दिया जाता है।
4. नाबालिग की उम्र जब तक 25 साल की नहीं हो जाती तब तक उसे गाड़ी चलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
पुणे हिट एंड रन कांड में अबतक पुलिस ने सभी आरोपियों पर मुकदमा किया दर्ज
पुणे सीपी अमितेश कुमार ने ANI को बताया कि “पुलिस ने बार के मालिक और बार मैनेजर सहित 1 अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। जिन्होंने दुर्घटना की रात नाबालिग आरोपी को शराब परोसी थी।” आज सुबह पुणे पुलिस ने नाबालिग आरोपी के पिता को महाराष्ट्र के संभाजीनगर से गिरफ्तार किया है। नाबालिग आरोपी के पिता शहर के जाने-माने रियल एस्टेट व्यपारियों में से एक है। आरोपी के पिता और बार के मालिक सहित चार अन्य पर मोटर वाहन अधिनियम (MVA) और किशोर न्याय अधिनियम (JJA) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। नाबालिग को बिना लाइसेंस के हाई-एंड कार चलाने की इजाजत देने के आरोप में पिता को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने जांच पड़ताल में पता चला कि आरोपी लड़के के पिता ने अपने बेटे को इस साल मार्च के महीने में 2 करोड़ की पोर्श की कार गिफ्ट में दी थी। नाबालिग को अभी 18 साल का होने में अभी भी 4 महीने बाकी है।
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