नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। पुणे पोर्श दुर्घटना मामले में नाबालिग लड़के के खून के सैंपल बदलने के आरोप में दो डॉक्टर डॉ. अजय तवारे और डॉ. श्रीहरि हाल्नोर को गिरफ्तार किया था। अब इनमे से एक डॉक्टर अजय तवारे ने इस मामले में चेतावनी देते हुए कहा है कि वह सभी का पर्दाफ़ाश कर देंगे और चुप नहीं बैठने वाले हैं। दोनों डॉक्टर ससून जनरल अस्पताल के हैं और इसी अस्पताल से एक कर्मचारी को भी गिरफ्तार किया गया है। डॉक्टर अजय तवारे की चेतावनी से पहले गिरफ्तार इन तीनों को एक अदालत ने 27 मई 2024 को 30 मई 2024 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया था।
तीनो आरोपियों को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ए ए पांडे की कोर्ट में पेश किया
पुलिस ने खून के सैंपल बदलने के तीनो आरोपियों को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (लघु वाद) ए ए पांडे की कोर्ट में पेश किया और उनकी 10 दिनों की पुलिस रिमांड की मांग की। पुलिस ने दोनों डॉक्टरों डॉ. अजय तवारे और डॉ. श्रीहरि हल्नोर को खून के सैंपल बदलने के आरोप में 27 मई 2024 को गिरफ्तार किया था। वहीं खून के सैंपल बदलने और सबूत नष्ट करने के आरोप में गिरफ्तार तीसरे आरोपी का नाम अतुल घाटकांबले है।
इस मामले में आरोपियों के घर की तलाशी करने की आवश्यकता है
पुलिस ने कोर्ट में तीनों आरोपियों के खिलाफ अपना संदेह व्यक्त करते हुए कहा था कि खून के सैंपल बदलने के लिए आरोपियों को कुछ पैसे मिले थे। इस मामले में आरोपियों के घर की तलाशी करने की आवश्यकता है। यह सारी दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपियों को 30 मई 2024 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
क्या है पुणे पॉर्शे केस?
18 मई की देर रात पुणे में एक तेज़ रफ्तार पॉर्शे कार ने दो बाइक सवार इंजीनियरों को कुचल दिया था। दोनों इंजीनियरों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। ये महंगी गाड़ी एक नाबालिग चला रहा था। जो कि पुणे के एक अमीर बिल्डर परिवार से ताल्लुक रखता है। घटना के बाद 17 साल का ये आरोपी पकड़ा गया, हालांकि शुरुआत में जुविनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) ने उसे 15 घंटे के अंदर ही जमानत दे दी। जमानत की शर्त थी सामाजिक कार्य और रोड सेफ्टी पर निबंध। मामला बढ़ा तो JJB ने नाबालिग की जमानत खारिज कर दी और उसे 15 दिन के लिए रिमांड होम में रखने का आदेश दे दिया।
मामला सामने आने के बाद से ही नाबालिग का परिवार उसे बचाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहा है। पहले नाबालिग के दादा ने ड्राइवर पर पूरा आरोप अपने सिर ले लेने का दबाव बनाया था और अब परिवार ने ब्लड सैम्पल तक बदलवा डाले। इस एक्सीडेंट मामले में नाबालिग के पिता और दादा दोनों को ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
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