नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। पुणे में नाबालिग द्वारा कार दो लोगों को कार से कुचलने के मामले में नाबालिग के दादा को गिरफ्तार किया गया है। पहले नाबालिग ने दावा किया था कि हादसे के समय ड्राइवर कार चला रहा था, जबकि ड्राइवर ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि उसपर दबाव बनाया जा रहा था इलजाम को अपने ऊपर लेने के लिए। साथ ही इलजाम खुद पर ना लेने के लिए उसको धमकी भी दी गई थी। मामले में नाबालिग के दादा को किडनैपिंग और गलत तरीके दबाव बनाने के लिए आईपीसी की धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
क्या कहा पुलिस ने?
पुणे पुलिस ने एक दिन पहले बताया कि ड्राइवर को मजबूर किया जा रहा था कि वह एक्सीडेंट का इलजाम खुद पर ले। सूत्रो के मुताबिक, एक्सीडेंट के बाद नाबालिग के दादा ने ड्राइवर को कमरे में बंद कर दिया था और उसपर एक्सीडेंट का इलजाम खुद पर लेने के लिए दबाव बनाया था। बताया जा रहा है कि परिवार इस तरह की हरकते नाबालिग को बचाने के लिए कर रही है। साथ ही नाबालिग के परिवार ने ड्राइवर से कहा कि वह जिम्मेदारी लेंगे कि वह जल्दी ही जेल से बाहर आ जाए।
क्या कहा क्राइम ब्रांच ने?
क्राइंम ब्रांच ने बताया कि नाबालिग के दादा और पिता ने ड्राइवर को जबरन घर में कैद कर लिया था और उसका फोन छीन लिया था। अधिकारियों ने बताया कि ड्राइवर 19 मई से 20 मई तक घर में कैद में था, साथ ही पत्नी की सूचना देने के बाद ड्राइवर को छुड़ाया गया।
बेल देने के बाद जागा देशव्यापी आक्रोश
पूरे देश में फैले आक्रोश के बीच, जूवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने बेल देने के बाद अपने आदेश में संशोधन किया और उसे एक वयस्क के रूप में मुकदमा चलाने की अनुमति के लिए पुलिस की याचिका पर फैसला होने तक ऑब्जर्वेशन होम भेज दिया।
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