नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। बीजेपी से टिकट न मिलने के बाद पार्टी की एक बागी नेता ने कथित तौर पर डुप्लीकेट AB फॉर्म के सहारे नामांकन दाखिल कर दिया, और हैरानी की बात यह रही कि चुनाव आयोग ने उस नामांकन को स्वीकार भी कर लिया। मामला मुंबई के वार्ड नंबर 173 का बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, शिल्पा केलुस्कर को शुरुआत में बीजेपी की ओर से AB फॉर्म दिया गया था, लेकिन बाद में पार्टी ने यह फॉर्म वापस ले लिया। इसके बाद शिल्पा केलुस्कर ने कथित रूप से पार्टी का एक डुप्लीकेट AB फॉर्म तैयार किया और उसे अपने नामांकन पत्र के साथ संलग्न कर दिया। इसी आधार पर उन्होंने महानगरपालिका चुनाव के लिए अपना आवेदन जमा कर दिया, जिसे निर्वाचन अधिकारियों ने स्वीकार कर लिया।
जब इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम को मिली, तो उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए तत्काल म्युनिसिपल इलेक्शन कमीशन को पत्र लिखा। साटम ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि शिल्पा केलुस्कर ने फर्जी और डुप्लीकेट AB फॉर्म के जरिए नामांकन दाखिल किया है, जो नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने चुनाव आयोग से शिल्पा केलुस्कर का नामांकन रद्द करने की मांग की है।
बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि पार्टी ने समय रहते इस मामले की शिकायत चुनाव आयोग में दर्ज करा दी है और अब आगे की कार्रवाई आयोग के स्तर पर होगी। पार्टी का आरोप है कि इस तरह की गतिविधियां न सिर्फ आंतरिक अनुशासन के खिलाफ हैं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े करती हैं।
फिलहाल यह मामला चुनाव आयोग के संज्ञान में है और इस पर जांच की संभावना जताई जा रही है। अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित उम्मीदवार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है। इस घटना ने BMC चुनाव से पहले सियासी माहौल को और गर्मा दिया है और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।




