नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बड़ा झटका लगा है। चुनावी तैयारियों के बीच पार्टी के लिए तैयार किया गया कैंपेन सॉन्ग चुनाव आयोग ने रिजेक्ट कर दिया है। आयोग ने इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए प्रचार में इस्तेमाल की अनुमति देने से इनकार कर दिया है, जिससे BJP की चुनावी रणनीति पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।
पार्टी को उम्मीद है कि यह गाना तेजी से वायरल होगा
BMC चुनाव को ध्यान में रखते हुए BJP ने युवाओं और आम मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने के लिए एक खास कैंपेन गाना तैयार कराया था। इस गाने के जरिए पार्टी मुंबई में अपने कामकाज, विकास कार्यों और भविष्य की योजनाओं को आकर्षक अंदाज में पेश करना चाहती थी। पार्टी को उम्मीद थी कि संगीत और लोकप्रिय चेहरों के जरिए यह गाना तेजी से वायरल होगा और चुनावी माहौल में असर दिखाएगा।
गाने में “भगवा” शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति
हालांकि, इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया ने इस गाने को चुनाव प्रचार के लिए मंजूरी नहीं दी। चुनाव आयोग का कहना है कि गाने में “भगवा” शब्द का इस्तेमाल किया गया है, जो चुनावी आचार संहिता के नियमों के खिलाफ है। आयोग के मुताबिक, चुनाव प्रचार के दौरान ऐसे शब्दों, रंगों या प्रतीकों के इस्तेमाल से बचना जरूरी है, जो किसी विशेष धर्म, भावनात्मक अपील या पहचान से जुड़े हों और मतदाताओं को प्रभावित कर सकते हों।
आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन करना होता है
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि निष्पक्ष और समान चुनाव सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी वजह से राजनीतिक दलों को प्रचार सामग्री तैयार करते समय आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन करना होता है। आयोग का मानना है कि इस तरह के शब्दों का प्रयोग चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकता है, इसलिए गाने को मंजूरी नहीं दी गई।
दोनों कलाकार महाराष्ट्र में काफी लोकप्रिय हैं
इस कैंपेन सॉन्ग को मशहूर मराठी गायक अवधूत गुप्ते और वैशाली सामंत ने अपनी आवाज दी थी। दोनों कलाकार महाराष्ट्र में काफी लोकप्रिय हैं और इसी वजह से BJP को भरोसा था कि यह गाना मतदाताओं के बीच खासा असर छोड़ेगा। लेकिन आयोग के फैसले के बाद फिलहाल इस गाने का चुनावी इस्तेमाल संभव नहीं रह गया है।
BJP जल्द ही नई रणनीति के साथ मैदान में उतर सकती है
अब बीजेपी के सामने दो विकल्प हैं। पहला, वह गाने में बदलाव कर आपत्तिजनक शब्दों को हटाकर दोबारा चुनाव आयोग से मंजूरी मांगे। दूसरा, पार्टी पूरी तरह नया कैंपेन कंटेंट तैयार करे, जो आचार संहिता के दायरे में हो। चुनाव नजदीक होने के कारण पार्टी पर समय का दबाव भी है और माना जा रहा है कि BJP जल्द ही नई रणनीति के साथ मैदान में उतरेगी।
कुल मिलाकर, BMC चुनाव से पहले चुनाव आयोग का यह फैसला BJP के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है, जिसने पार्टी को अपने प्रचार अभियान पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर कर दिया है।





