नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मुबंई पुलिस ने घाटकोपर में गिरे एगो मीडिया के बिलबोर्ड, जिसके नीचे कई दबकर 16 लोगों की मौत हुई थी साथ ही कई घायल हुए, उसके मालिक भावेश भिंडे को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। जानकारी के अनुसार बिलबोर्ड के गिरने के बाद से ही भावेश फरार थे और उनका मोबाइल भी स्विच ऑफ था। भावेश फरार होने के दौरान झूठी पहचान पर अलग-अलग जगह छिपते फिर रहे थे। लेकिन आखिरकार पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर ही लिया।
क्या कहना है पुलिस का?
पुलिस के अनुसार घटना के घटित होने के बाद ही भावेश अपने ड्राइवर और कार के साथ फरार हो गए। जिसके कारण पुलिस को उनका पता लगाने के लिए अनेक राज्यों में तलाश अभियान चलाना पड़ा। भावेश को दबोचने के लिए मुबंई पुलिस की कम से कम आठ टीमें अलग-अलग जगह के लिए रवाना की गईं थी। मुबंई पुलिस की ये टीम 24 घंटे भावेश की खोज में लगे हुए थे।
कहां दबोचा गया भावेश भिंडे को
अधिकारियों ने भावेश कोलोनावला, ठाणे और अहमदाबाद में तलाश की, जिसके बाद आखिर में वह उदरपुर में दबोचा गया। वह वहां एक हॉटल में नाम बदल कर रह रहा था। मुबंई पुलिस का यह ऑपरेशन इतना खूफिया था कि इसकी खबर उदयपुर की लोकल पुलिस को भी नहीं दी गई।
क्या है मामला?
भावेश भिंडे, जो कि एगो मीडिया, एक विज्ञापन कंपनी के मालिक हैं। उनकी कंपनी द्वारा घाटकोपर में लगाया एक बिलबोर्ड मुबंई में चली तेज़ आंधी में गिरा था। जिसके नीचे करीब दबकर करीब 16 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए थे। इसके बाद कंपनी के ऊपर केस हो गया था। बता दें कि जो बिलबोर्ड गिरा था वह बीएमसी द्वारा जारी नियमों से तीन गुना ज्यादा बड़ा था। भावेश को अहमदाबाद से मुबंई सोमवार शाम फ्लाइट से लाया गया था और आज 17 मई को उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।
अन्य खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in





