घाटकोपर में गिरा बिलबोर्ड: कंपनी मालिक भावेश के खिलाफ हैं 23 मामले दर्ज, रेप जैसा संगीन जुर्म भी शामिल

घाटकोपर में बिलबोर्ड गिरने के मामले में कंपनी के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज। एगो मीडिया के मालिक, भावेश भिड़े के खिलाफ है 23 मामले दर्ज।
Ego media owner Bhavesh Bhide has 23 cases over him
Ego media owner Bhavesh Bhide has 23 cases over himraftaar.in

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मुंबई में आए तूफान से बिलबोर्ड गिरने के मामले में, विज्ञापन एजंसी एगो मीडिया के मालिक, भावेश भिड़े के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। यह बिलबोर्ड घाटकोपार इलाके में गिरा था, जिसमें 14 लोगों की मौत हो गई और 70 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। बतातें चलें कि भावेश भिड़े के खिलाफ पुलिस में यह कोई पहला मामला नहीं है। उनके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं, जिसमें रेप जैसा संगीन जुर्म भी शामिल है। पुलिस के अनुसार बिलबोर्ड गिरने के बाद से भावेश फरार है और उनका फोन भी स्विच ऑफ है।

लड़ चुके हैं विधानसभा चुनाव

एगो मीडिया के मालिक भावेश भिड़े, 2009 में मुलुंद निर्वाचन क्षेत्र से बतौर निर्दलीय उम्मीदवार खड़े हुए थे। उन्होंने नामांकन भरते समय अपने एफिवेफिट में बताया था कि उनके खिलाफ 23 मामले दर्ज हैं। इसमें से कई मामले मुबंई नगर निगम एक्ट और बाउंस चैक के भी हैं। साथ ही जनवरी 2024 में उसके खिलाफ मुलुंद पुलिस थाने में रेप का मामला दर्ज हुआ और चार्जशीट भी तैयार की गई।

कानून तोड़ने की है पुरानी आदत

सूत्रों का कहना है कि भावेश भारतीय रेलवे व मुबंई नगर पालिक, साथ ही बीएमसी के कई कॉन्ट्रैक्ट हासिल कर चुके हैं। लेकिन कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के बाद उनके उपर नियमों को तोड़ने के आरोप भी लगे हैं। इसके अलावा वह खुद और कंपनी के कई कर्मचारी पेड़ काटने के मामले में आरोपी हैं।

बिलबोर्ड को नाम था लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में

घाटकोपर में जो बिलबोर्ड गिरा था उसे कंपनी ने 120x120 फुट का बनाया था। वह इतना बड़ा था कि उसका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज करवाया गया। पर बीएमसी का कहना है कि वह 40x40 फुट के उपर के बिलबोर्ड की अनुमति नहीं देता है। लेकिन एगो मीडिया ने अनुमति के परे होते हुए तीन गुना बड़ा बिलबोर्ड बनवाया।

क्या कहा बीएमसी ने

बीएमसी आयुक्त, भूषण गगरानी ने कहा कि हमने शहर में सभी अवैध बिलबोर्ड के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में एक मामला दर्ज किया गया है क्योंकि बिलबोर्ड के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई थी। साथ ही बोले कि एक शिकायत भी मिली थी कि लोगों को बिलबोर्ड दिख सके इसके लिए कुछ पेड़ भी काटे गए थे। वह बोले कि हमने इस संबंध में एक मामला भी दायर किया है।

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