नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र में बीएमसी समेत 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव के दौरान शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि वोट डालने के बाद मतदाताओं की उंगली से स्याही मिट रही है और पुरुष मतदाताओं के सामने महिला वोटर्स की फोटो दिखाई दे रही है। उद्धव ठाकरे ने इसे लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ बताया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह सब जानबूझकर किया जा रहा है। उन्होंने सत्तारूढ़ बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव में गड़बड़ी की पूरी कोशिश हो रही है और जनता को भ्रमित किया जा रहा है।
चुनाव आयोग पर जमकर बरसे उद्धव ठाकरे
उद्धव ठाकरे ने राज्य चुनाव आयुक्त पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा,“चुनाव आयुक्त आखिर पगार किस बात का ले रहे हैं? अगर उंगली पर लगी स्याही सेनेटाइजर से मिट जा रही है तो यह बहुत गंभीर मामला है। इससे साफ है कि निशानी मिटाई जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव आयुक्त को नौकर की तरह इस्तेमाल कर रही है और पैसे बांटे जा रहे हैं। हालात साम-दाम-दंड-भेद जैसे हो गए हैं।
मंत्री गणेश नाईक नहीं कर पाए मतदान
उद्धव ठाकरे ने दावा किया कि फडणवीस सरकार में मंत्री गणेश नाईक खुद वोट नहीं डाल पाए, क्योंकि वोटर लिस्ट में उनका नाम ही नहीं था। उन्होंने कहा कि जब एक मंत्री का नाम नहीं है तो आम जनता का क्या हाल होगा। उद्धव ठाकरे ने बताया कि बांद्रा इलाके से भी शिकायत आई है कि स्याही सेनेटाइजर से निकल जा रही है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव की निष्पक्षता पर बड़ा सवाल है और इस पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। उद्धव ठाकरे ने कहा कि चुनाव आयोग और सत्ताधारी पार्टी के बीच मिलीभगत चल रही है। उन्होंने कहा, “सीधे-सीधे लोकतंत्र की हत्या हो रही है। चुनाव आयोग राजा नहीं, जनता का नौकर है।
परिवार के साथ किया मतदान, बाहर आकर जताई नाराजगी
बीएमसी चुनाव में उद्धव ठाकरे ने पत्नी रश्मि ठाकरे, बेटे आदित्य ठाकरे और तेजस ठाकरे के साथ मतदान किया। वोट देने के बाद मतदान केंद्र के बाहर ही उन्होंने नाराजगी जताई और कहा कि स्याही तुरंत मिट रही है, यह क्या हो रहा है। उन्होंने मांग की कि चुनाव आयोग रोजाना रिपोर्ट दे और बताए कि इन गड़बड़ियों पर क्या कार्रवाई की जा रही है।





