नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क । बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग हो चुकी है। दूसरे फेज में मतदान कल यानी 11 नवंबर को होनी है। इस बीच राज्य की राजनीतिक पारा हाई लेवल पर पहुंच गया है। राजनीतिक पार्टियों बड़े-बड़े दावा और जनता से वादा कर रही है। वही, इस सियासी ऊफान पर नेताओं की बयानबाजी भी तेज हो गई है।
वही, बृबृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव को लेकर महाराष्ट्र में सियासी तापमान बढ़ गया है। सभी राजनीतिक दल ओर नेताओं ने अपनी पार्टी की जीत के लिए रणनीति तैयार कर रहे हैं और प्रमुख क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने में जुट गए हैं। दल और नेताओं ने राज्य के इस चुनाव को लेकर कमर कस ली है।
बीएमसी चुनाव से पहले ठाकरे बंधुओं के एकजुट होने की खबर सामने आई है। माना जा रहा है कि राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे इस बार मिलकर चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं, जिससे चुनावी समीकरण पर बड़ा असर पड़ सकता है।
हालांकि, महाविकास अघाड़ी (MVA) के सहयोगी दल कांग्रेस ने ठाकरे बंधुओं के एकजुट होने की योजना का साफ तौर पर विरोध किया है।
विपक्षी गठबंधन दरार के संकेत
ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या राज ठाकरे महाविकास अघाड़ी (MVA) में शामिल होकर चुनाव लड़ पाएंगे। हालांकि, कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह बीएमसी चुनाव अकेले लड़ेगी, जिससे विपक्षी गठबंधन MVA में दरार पड़ने की संभावना बढ़ गई है।
क्या अकेले चुनाव लड़ेगी कांग्रेस
कांग्रेस के सीनियर नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा है कि मुंबई, दुनिया की सबसे बड़ी महानगरपालिका, के चुनाव में कांग्रेस स्वतंत्र रूप से लड़ेगी। उन्होंने बताया कि मुंबई महानगरपालिका के नेताओं ने इस निर्णय को अंतिम रूप दे दिया है।
विकेट्टीवार ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के लिए किसी भी दल के लिए सीटें छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि यह निर्णय आलाकमान से चर्चा के बाद स्थानीय स्तर पर लिया गया है।




