नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में तेजी से घटनाक्रम बदले हैं। उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस (एनसीपी) के विधायक दल का नेता सर्वसम्मति से चुना गया और उन्होंने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। अजित पवार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी थे, ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि उनके बाद पार्टी की कमान किसे सौंपी जाएगी। पिछले दो दिनों से प्रफुल्ल पटेल के नाम की चर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए होती रही। कुछ खबरों में उनकी नियुक्ति का दावा भी किया गया, लेकिन इसके बाद पार्टी में विवाद खड़ा हो गया और खुद प्रफुल्ल पटेल को इन खबरों का खंडन करना पड़ा।
प्रफुल्ल पटेल के नाम पर क्यों उठा विवाद?
प्रफुल्ल पटेल एनसीपी के राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष हैं। अजित पवार के बाद उन्हें अध्यक्ष बनाए जाने की अटकलें थीं, लेकिन पार्टी के भीतर विरोध सामने आने लगा। इसके चलते पटेल ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की खबरें निराधार हैं और ऐसा कोई फैसला पार्टी की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत ही होगा।
‘राष्ट्रीय अध्यक्ष सिर्फ सुनेत्रा पवार होंगी’-कोकाटे
एनसीपी विधायक और पूर्व मंत्री माणिकराव कोकाटे ने साफ कहा कि पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार ही होंगी। उन्होंने दावा किया कि दोनों एनसीपी एकजुट भी हो जाएं, तब भी अध्यक्ष पद सुनेत्रा पवार के पास ही रहेगा। कोकाटे ने यह भी कहा कि वे अजित पवार की राजनीतिक उत्तराधिकारी होंगी।
पदाधिकारियों का समर्थन, पत्र लिखकर की मांग
केवल विधायक ही नहीं, बल्कि पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों ने भी सुनेत्रा पवार के समर्थन में मोर्चा खोला है। एनसीपी सांस्कृतिक सेल के अध्यक्ष बाबासाहेब पाटील के नेतृत्व में 30 से अधिक पदाधिकारियों ने वरिष्ठ नेताओं सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल को पत्र लिखकर सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की मांग की।
पत्र में कहा गया कि अजित पवार के निधन के बाद पार्टी को संयमी, मजबूत और सभी को साथ रखने वाले नेतृत्व की जरूरत है, और सुनेत्रा पवार इस भूमिका के लिए सबसे उपयुक्त हैं।
पटेल का खंडन और समर्थन की अपील
प्रफुल्ल पटेल ने दोहराया कि अध्यक्ष पद को लेकर कोई फैसला अभी नहीं हुआ है और पार्टी की स्थापित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। वहीं पार्टी प्रवक्ता सूरज चव्हाण ने कहा कि अजित पवार के बाद यह जिम्मेदारी सुनेत्रा पवार को ही संभालनी चाहिए और प्रफुल्ल पटेल को राष्ट्रीय स्तर पर उनका समर्थन करना चाहिए।
विपक्ष की प्रतिक्रिया भी आई सामने
इस मुद्दे पर विपक्ष ने भी टिप्पणी की। मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने कहा कि एनसीपी मराठी मिट्टी से जुड़ी पार्टी है, इसलिए उसका अध्यक्ष मराठी चेहरा होना चाहिए। वहीं शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत ने भी प्रफुल्ल पटेल को अध्यक्ष बनाए जाने का विरोध किया।





