अनूपपुर, 25 मार्च (हि.स.)। जिला मुख्यालय अनूपपुर के उत्कृष्ट विद्यालय परिसर में पिछले दो साल से संचालित केन्द्रीय विद्यालय के लिए नए भवन का निर्माण अबतक आरम्भ नहीं हो सका है। केवी के खुद के नए भवन के लिए अभी इंतजार करना होगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय (मानव संसाधन विभाग) द्वारा घोषित किए गए 300 करोड़ की राशि का आवंटन केवीएस संस्थान में नहीं होने के कारण बजट के अभाव में प्रस्तावित नए भवन के निर्माण अटक गए हैं। मंत्रालय द्वारा राशि के संस्थान में आवंटन के बाद ही मानपुर गांव में प्रस्तावित नए भवन का निर्माण कार्य आरम्भ हो सकेगा। फिलहाल केन्द्रीय विद्यालय के प्राथमिक कक्षाओं के रूप में संचालित कक्षाओं का संचालन उत्कृष्ट विद्यालय परिसर के भवन में ही होगा। इससे पूर्व केन्द्रीय विद्यालय की मांग के सपने 5 साल बाद वर्ष 2019 के अगस्त माह के दौरान पूरी हुई थी, जब तत्कालीन कलेक्टर नंद कुमारम़् और जिपं सीईओ केवीएस चौधरी के साथ वर्तमान अनूपपुर कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर के जिला मुख्यालय में केन्द्रीय विद्यालय को लेकर लगातार प्रयास किए। जबकि जमीन स्थानांतरण के अभाव में केवीएस द्वारा अबतक अनुमति नहीं प्रदान किए जाने पर जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया था। जिला प्रशासन ने गम्भीरता दिखाते हुए शासन व केवीएस नई दिल्ली को पत्राचार किया। जिसमें व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए केन्द्रीय विद्यालय की वैकल्पिक व्यवस्थाओं में प्राथमिक कक्षाओं के संचालन की अनुमति प्रदान की मांग की। अपने खुद के आश्वासनों में घिरे केवीएस ने 2 अगस्त को आदेश जारी कर अनूपपुर केन्द्रीय विद्यालय के संचालन की अनुमति प्रदान कर दी है। वर्ष 2022 में भवन निर्माण के थे निर्देश वर्ष 2019 में ही केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने मध्यप्रदेश के लिए पांच केन्द्रीय विद्यालय भवन निर्माण के लिए स्वीकृति प्रदान की थी। इसमें अनूपपुर जिले के लिए भी लगभग 300 करोड़ रुपये का आवंटन कराया गया था। मंत्रालय ने भवन निर्माण कार्य पूर्ण की तिथि वर्ष 2022 निर्धारित की है। ताकि वैकल्पिक रूप में संचालित स्कूलों को जल्द नए भवन उपलब्ध हो सके। इसके लिए अनूपपुर से सटे मानपुर ग्राम में लगभग 10 एकड़ जमीन की उपलब्धता कराई जा चुकी है। जिला प्रशासन का मानना है कि केन्द्रीय विद्यालय के प्राथमिक कक्षाओं के साथ आगामी कक्षाओं के विस्तार से जिले की शैक्षणिक व्यवस्थाएं और बेहतर बनेगी। निर्माण पर अनिश्चिता में बच्चों को होगी असुविधा जैसे जैसे भवन निर्माण को लेकर अनिश्चिता बढ़ती जाएगी, वैसे वैसे प्राथमिक स्कूल से मिडिल स्कूल में परिणत होने वाली केवी की कक्षाओं के संचालन में भी दुविधा बढ़ती जाएगी। क्योंकि प्रतिवर्ष एक अतिरिक्त कक्ष विद्यालय की आवश्यकता होगी। वहीं पूर्व से एक्सीलेंस स्कूल में कार्यरत शिक्षकों को भी अपने स्टाफ कक्ष के बिना ही व्यवस्थाएं बनानी पड़ रही है। शिक्षकों को कहना है कि पूर्व से ही असुविधा हो रही थी, अगर जल्द भवन का कार्य पूरा नहीं होता तो इससे और परेशानी बढ़ जाएगी। केन्द्रीय विद्यालय के क्षेत्रीय कार्यलय जबलपुर उपायुक्त से दूरभाष पर चर्चा में बताया कि यह मुख्यालय से होता हैं, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग कार्य करायेंगा। अभी प्रगति में हैं। हिन्दुस्थान समाचार/ राजेश शुक्ला




