ग्वालियर, 11 अप्रैल (हि.स.)।वर्ष की पहली और आखरी सोमवती अमावस्या आज 12 अप्रैल सोमवार को है। इसके बाद अगली सोमवती अमावस्या 30 मई 2022 को है। ज्योतिषाचार्य पं. गौरव उपाध्याय के अनुसार वैसे तो वर्ष में 12 अमावस्या आती हैं, परंतु सोमवार के दिन आने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहा जाता है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार अमावस्या तिथि का प्रारंभ 11 अप्रैल को सुबह 6.03 पर हो गया है। अमावस्या तिथि का समापन 12 अप्रैल सोमवार को सुबह 8 बजे होगा। उदया तिथि के अनुसार सोमवती अमावस्या 12 अप्रैल 2021 को मनाई जाएगी। सोमवती अमावस्या के दिन स्नान व दान का विशेष महत्व होता है। इस दिन पितरों के तर्पण को विशेष महत्व दिया जाता है। ब्रह्म मुहूर्त में किसी नदी, सरोवर अथवा घर पर भी स्नान कर सकते हैं। सोमवती अमावस्या के दिन महिलाएं तुलसी की परिक्रमा करती हैं तथा पीपल की भी पूजा की जाती है। हिन्दुस्थान समाचार/शरद




