नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। मध्य प्रदेश सरकार ने परिवार पेंशन के नियमों में ऐतिहासिक बदलाव किया है। अब राज्य में अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा बेटियां भी माता-पिता की पारिवारिक पेंशन की पात्र सूची में शामिल होंगी। यह फैसला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया।
कैबिनेट ने संशोधन को मंजूरी दी है
कैबिनेट ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम 2026 और सिविल सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी है। नए नियमों के अनुसार, परिवार पेंशन से जुड़े मामलों का निपटारा आसान और समयबद्ध होगा। इसके अलावा, NPS के तहत ग्रेच्युटी भुगतान, स्वेच्छिक सेवानिवृति, केंद्र और राज्य सरकार की पूर्व सेवा का संयोजन, निलंबन अवधि में अंशदान और देरी की स्थिति में जिम्मेदारी सहित सेवानिवृत्ति या त्यागपत्र के बाद ग्रेच्युटी की पात्रता और भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। ये नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे।
राज्य की हजारों बेटियों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी
इस बदलाव से राज्य की हजारों बेटियों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। अब पेंशन का लाभ माता-पिता पर आश्रित महिलाओं तक भी पहुंच सकेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि परिवार पेंशन के लिए आवेदन करना आसान होगा। आवेदन संबंधित विभाग या कोषालय कार्यालय में किया जा सकेगा। आवश्यक दस्तावेजों में पहचान पत्र, तलाक या विधवा प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी कागजात शामिल होंगे।
महिला सशक्तिकरण को भी मजबूती मिलेगी
सरकार ने कहा कि नियमों के प्रकाशन के बाद विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। यह फैसला उन महिलाओं के लिए विशेष राहत साबित होगा, जो तलाक या विधवा होने के बाद अपने माता-पिता पर निर्भर हैं और जिनके पास स्थायी आय का साधन नहीं है। इस ऐतिहासिक कदम से मध्य प्रदेश में समानता और महिला सशक्तिकरण को भी मजबूती मिलेगी।
आवेदन कहां करना है?
मध्य प्रदेश में अब अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा बेटियां माता-पिता की पारिवारिक पेंशन की पात्र होंगी। इसके लिए आवेदन करना आसान है।
आवेदन कहां करना है: संबंधित विभाग या कोषालय कार्यालय।
जरूरी दस्तावेज़: पहचान पत्र, तलाक/विधवा प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी कागजात।
नियमों के प्रकाशन के बाद सरकार विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगी। सरकार का कहना है कि इस फैसले से हजारों महिलाओं को आर्थिक राहत मिलेगी, जो तलाक के बाद अपने माता-पिता पर निर्भर हैं और जिनके पास स्थायी आय का साधन नहीं है।





