भोपाल, 10 मई (हि.स.)। दमोह उपचुनाव में मिली हार के बाद भाजपा में विरोध के स्वर तेज हो गए हैे। पूर्व मंत्री जयंत मलैया और बेटे को हार के जिम्मेदार ठहराते हुए संगठन के फैसले के बाद कई वरिष्ठ नेता खुलकर इसका विरोध कर चुके हैं। पूर्व मंत्री अजय विश्नोई के बाद अब पार्टी की वरिष्ठ नेत्री और पूर्व मंत्री कुसुम मेहदेले ने भी जयंत मलैया का समर्थन किया है। कुसुम मेहदेले ने जयंत मलैया का बचाव करते हुए पार्टी पर निशाना साधा है और मलैया को शोकॉज नोटिस देने को दुर्भाग्यपूर्ण भी बताया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा अब बीजेपी के पास वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की उपेक्षा व अवमानना करने और उनकी निष्ठा पर असत्य लांछन लगाना भी शुरू हो गया है। जयंत मलैया को कारण बताओ नोटिस और सिद्धार्थ की सदस्यता समाप्त करना दुर्भाग्यपूर्ण है। वरिष्ठ नेत्री ने आगे लिखा- मलैया और सिद्धार्थ पर आरोप-प्रत्यारोप कतई उचित नहीं है। उप चुनाव करवाना भी उचित नहीं था। उन्होंने विधायक अजय विश्नोई का समर्थन करते हुए लिखा- अजय विश्नोईजी आापने दमोह उप चुनाव को लेकर को लेकर सही टिप्पणी की है। बता दें कि दो दिन पहले अजय विश्नोई ने सोशल मीडिया पर सवाल किया था- चुनाव में हार की जवाबदारी क्या टिकट बांटने वाले और चुनाव प्रभारी लेंगे? चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार राहुल सिंह लोधी की हार के लिए जिम्मेदार मानते हुए पार्टी ने जयंत मलैया को नोटिस दिया गया है। बेटे सिद्धार्थ को पार्टी से निलंबित कर दिया है। इस पर मलैया का कहना है कि सिर्फ मेरा बूथ नहीं हारी भाजपा। कांग्रेस ने कसा तंज वहीं दमोह उप चुनाव में हार के बाद भाजपा में मची अंतर्कलह और वरिष्ठ नेताओं के मुखर होने पर कांग्रेस ने तंज कसा है। पार्टी के प्रदेश मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने सोशल मीडिया पर लिखा – दमोह उप चुनाव परिणाम के बाद अब एक बार फिर भाजपा में बिकाऊ-टिकाऊ संघर्ष शुुरू? टिकाउओं ने खोला बिकाऊओं के खिलाफ मोर्चा। सत्ता के लिए नीति, सिद्धांतों, निष्ठा को दांव पर लगाया। बिकाऊओं के लिए टिकाऊओं पर हो रही कार्यवाही। पद भी बिकाऊओं को, टिकाऊ क्या सिर्फ दरी उठाने के लिए। हिन्दुस्थान समाचार/ नेहा पाण्डेय




