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Sunday, March 29, 2026
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कोरोना संक्रमित गम्भीर मरीजों तक सीधे पहुंच रहे परिजन, संक्रमण फैलने का खतरा

मरीजों की सेवा में घर के साथ समाज के बीच समय दे रहे परिजन, कोविड सेंटर में सफाई का भी अभाव अनूपपुर, 14 मई (हि.स.)। जिले में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस महामारी से जिले के सैकड़ों लोगों की मौत भी हो चुकी है। कोरोना से संक्रमित गम्भीर मरीजों के इलाज के लिए जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर बिल्डिंग में कोविड आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। जहां वर्तमान में 56 से अधिक मरीज इलाजरत हैं। इनमें 4 अतिगम्भीर और 52 गम्भीर मरीज हैं। जिनकी 24 घंटा सेवा में चार डॉक्टरों के साथ 18 से अधिक स्टाफ नर्स और सफाई कर्मी कार्यरत हैं। इसके बावजूद कोविड आइसोलेशन वार्ड में मरीजों के परिजनों का प्रवेश बेधड़क हो रहा है। जबकि इस वार्ड में लोगों की आवाजाही वर्जित हैं। कोविड आइसोलेशन वार्ड पहुंचने वाले परिजन बिना किसी सुरक्षा इंतजाम या पीपीई किट के मरीजों के सम्पर्क में आ रहे हैं। परिजन बिना सुरक्षा उपायों को अपनाए आइसोलेशन वार्ड से अपने घर वापस भी लौट रहे हैं और समाज के सम्पर्क में आ रहे हैं। ऐसा नहीं कि मरीजों की सेवा में कोई एक व्यक्ति जुटा हो, यह प्रतिदिन बदल भी रहा है। यहीं नहीं आइसोलेशन वार्ड से निकलने वाले परिजन सामान्य नागरिकों की भांति अस्पताल परिसर के अन्य लोगों के साथ बाजार, दुकान, सडक़ सहित अन्य सार्वजनिक स्थल पर पहुंच रहे हैं। इससे संक्रमण फैलने का खतरा पैदा हो रहा है। लेकिन अस्पताल प्रबंधन द्वारा कोविड आइसोलेशन वार्ड में परिजनों के आने पर रोक नहीं लगाई जा रही है। सामान्य नागरिकों का प्रवेश वर्जित हैं कोविड आइसोलेशन वार्ड में परिजनों के प्रवेश पर खुद जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि सामान्यत: नियमों के अनुसार कोविड केयर सेंटर में सामान्य लोगों को प्रवेश वर्जित होता है। विशेष परिस्थिति में मिलने वाले परिजनों को पूरी सुरक्षा किट में ही प्रवेश दिया जा सकता है। मरीजों की सेवा के लिए तो अंदर डॉक्टर और स्टाफ नर्स होते हैं, जो पूरी पीपीई किट में कार्यरत होते हैं। ऐसे में सामान्य कपड़ों में सामान्य व्यक्तियों का प्रवेश संक्रमण फैलाव के माध्यम से कम नहीं कहा जा सकता। चिकित्सकों का कहना है कि वर्तमान में कोरोना संक्रमितों की बढ़ी हुई संख्या परिजनों का सम्पर्क भी एक कारण हैं, इससे समाज में कोरोना ने अपना पैर पसारा है। जिला और अस्पताल प्रबंधन लगाए रोक कोविड आइसोलेशन वार्ड में सामान्य परिजनों को प्रवेश नहीं देने पर परिजन चिकित्सकों व स्टाफ नर्स के साथ अभ्रदता करते हैं और जबरदस्ती प्रवेश करते हैं। जहां ये परिजन न तो कोई पीपीई किट पहने होते हैं और ना ही ग्लब्स व फेस शील्ड। लेकिन आधा सैकड़ा इलाजरत मरीजों की भीड़ में सीधे प्रवेश कर रहे हैं। इसे देखते हुए पूर्व में कार्यरत स्टाफ नर्स ने जिला चिकित्सालय प्रबंधन से अतिगम्भीर मरीजों की देखभाल के लिए सिर्फ एक परिजन को ही प्रवेश देने का आग्रह किया था। लेकिन प्रबंधन ने गम्भीरता नहीं दिखाई। सफाई में भी आनाकानीकोरोना कोविड सेंटर की सफाई में लापरवाही बरती जा रही है। मरीजों की पीपीई किट को असुरक्षित फर्श पर छोड़ दिया जाना, वार्ड में गंदगी भी सामान्य बात हो गई है। जिसे लेकर कार्यरत चिकित्सकों ने नाराजगी जताई थी। जिसके बाद अब सफाई व्यवस्था को सुधारा जा रहा है। हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

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