गुना, 15 जून (हि.स.) । गुना जिले के चांचौड़ा क्षेत्र के बटावदा गांव के किसानों ने सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक पर उनके पैसों का गबन करने का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि शाखा प्रबंधक ने उनसे कर्ज के पैसे भी जमा करा लिए और कर्जमाफी के तहत उनके खातों में आये पैसों को भी निकाल लिया। मंगलवार को किसानों ने इसकी शिकायत कलेक्टर से की है। कलेक्टर कार्यालय पहुंचे बटावदा गांव के किसानों ने बताया कि उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी ) पर सहकारी बैंक से कर्ज लिया था। इसके बाद 2019 में कांग्रेस सरकार ने कर्जमाफी की बात कही तो यह कर्ज वापस नहीं लौटाया। उनको बताया गया कि उनका कर्जा माफ कर दिया गया है। लेकिन कुछ ही महीनों बाद शाखा प्रबंधक उनपर कर्ज लौटाने का दवाब डालने लगा। इसी बीच सरकार भी बदल गयी तो किसानों ने सोचा कि उनकी कर्जमाफी नहीं हो पायी है। इसके बाद किसानों ने लिया हुआ कर्जा वापस लौटा दिया। उन्होंने पासबुक में एंट्री करने को कहा तो मशीन खराब होने का बहाना बनाकर एंट्री नहीं की गई। कर्ज की राशि लौटाने के दो माह बाद किसानों को भनक लगी कि उनकी कर्जमाफी हो चुकी है। सरकार द्वारा उनके खातों में कर्जमाफी का पैसा डाल दिया गया है। उनके पास इसकी सूची भी आई। इसके बाद जब किसान आदिम जाति सेवा सहकारी समिति बटावदा जिला सहकारी बैंक मर्यादित चांचौड़ा के शाखा प्रबंधक हरिनारायण धाकड़ के पास पहुंचे तो उन्होंने किसानों को दुत्कार कर भगा दिया। उन्हें उनके खाते संबंधी जानकारी नहीं दी गई। किसानों ने इसकी शिकायत एसडीएम चांचौड़ा को भी की, लेकिन कोई हल नहीं निकला। इसके बाद एक दिन किसान इकट्ठे होकर शाखा प्रबंधक के पास पहुंचे और जब उसे घेरकर पूछा तो उसने बता दिया की तुम्हारी कर्जमाफी हुई है। उसका पैसा भी खातों में आ गया था। जब किसानों ने पूछा कि जब पैसा आ गया था तो उनसे पैसा क्यों जमा करवाया तो शाखा प्रबंधक ने कोई जवाब नहीं दिया। किसानों का आरोप है कि शाखा प्रबंधक द्वारा उनके पैसे का गबन किया गया है। फर्जी तरीके से शाखा प्रबंधक हरिनारायण धाकड़ ने उनके पैसे निकाल लिए हैं। किसानों का आरोप है कि शाखा प्रबंधक द्वारा उनके फर्जी हस्ताक्षर करके राशि निकाल ली गयी है। मंगलवार को सभी किसानों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर से इस मामले की शिकायत की है। हिन्दुस्थान समाचार / अभिषेक




