नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी गौशाला में हुआ बड़ा हादसा, ग्वालियर के लाल टिपारा गौशाला में लगी आग, जिससे दस हजार गौवंशों के जान पर मडराया खतरा। इस घटना से मध्यप्रदेश की इस सबसे बड़ी गौशाला के सुरक्षा को लेकर प्रबंधन के भी कान कान खड़े कर दिए।
लाल टिपारा गौशाला
ग्वालियर के लाल टिपारा गौशाला के संरक्षक संत ऋषभदेव आनंद ने बताया कि, सभी लोग इस जगह पर मीटिंग कर रहे थे। तभी शॉर्ट सर्किट से वहां रखें सोफों में आग लग गई। जिससे आग बढ़ती गई और तकरीबन आधे घंटे तक ये पूरी जगह आग की चपेट में बना रहा, इस आग लगने के करीब आधा घंटे बाद मौके पर दमकल की गाड़ियां वहां पहुंची जिसके बाद इस आग पर काबू पाया जा सका।
कोई गायें मौजूद नहीं थी।
संरक्षक ने बताया कि, इस दौरान वहां सबसे अच्छी बात रही कि, यह घटना दिन के दौरान होने से और सभी लोगों के वहां मौजूद होने से कोई हताहत नही हुआ । और सभी मीटिंग कर रहे थे, इसलिए वहां कोई गायें मौजूद नहीं थी। इससे ना ही कोई गाय हताहत हुई है। ना कोई व्यक्ति विशेष, लेकिन इस घटना से हमें सीख मिली कि, भविष्य में भी ऐसी घटनाएं हो सकती है। इसलिए अभी ये हमें इसपर विशेष ध्यान देने की जरुरत है।
हो सकता था बड़ा हादसा
इस गौशाला परिसर में ही फिलहाल बायो सीएनजी प्लांट भी लगाया हुआ है। जिसमें गोबर से सीएनजी बनाने का काम भी शुरु हो चुका है। यदि यह आग फैलते हुए प्लांट तक पहुंच जाती तो यह गंभीर हादसे का शिकार हो सकता था। इस घटना को लेकर समिति प्रबंधक ऋषभदेव आनंद ने कहा, इतनी बड़ी संख्या में गोवंश के बड़े परिसर को देखते हुए यहां पर सुरक्षित रूप से तैयार फायर ब्रिगेड उपलब्ध करानी चाहिए। जिससे यदि ऐसी कोई घटना हो तो उस पर काबू पाया जा सके।
नगर निगम की सुरक्षा पर उठे सवाल
बता दे कि, मध्यप्रदेश की इस सबसे बड़ी गौशाला में लगभग दस हजार से अधिक गोवंश मौजूद है। इसके साथ ही इनकी देखभाल में लगे सैकड़ों सेवाकर्मी काम करते हैं। ऐसे में गौशला में आग को काबू नहीं कर पाने के इंतजाम का ना होना, चिंता का बड़ा विषय है। इस गौशाला का संचालन नगर निगम द्वारा किया जाता है। ऐसे में यह हादसा नगर निगम की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता है।





