नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सोमवार को कहा कि अगर कांग्रेस आलाकमान निर्णय करता है, तो वह पूरे पांच साल के कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे। बता दें कि, कांग्रेस सरकार नवंबर में अपने ढाई साल पूरे कर रही है।
कर्नाटक में कार्यकाल के आधे पड़ाव पर ‘‘नवंबर क्रांति’’ की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने स्पष्ट किया कि यदि कांग्रेस आलाकमान चाहे, तो वह पूरे पांच साल मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे। उन्होंने नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को खारिज करते हुए अपने स्थिरता के इरादे दोहराए।
शीर्ष नेतृत्व के फैसले पर बोले सीएम सिद्धरमैया
सिद्धरमैया ने के. एन. राजन्ना के बयान को उनकी निजी राय बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कई मुख्यमंत्री पद के दावेदार हो सकते हैं और लोकतंत्र में किसी से यह नहीं कहा जा सकता कि वे प्रतिस्पर्धा न करें। अंततः फैसला पार्टी आलाकमान करेगा।
दावेदारी का हर किसी को अधिकार
सिद्धरमैया ने कहा कि मुख्यमंत्री पद का दावेदार बनना हर किसी का अधिकार है, लेकिन अंतिम फैसला आलाकमान करेगा। उन्होंने नेतृत्व परिवर्तन की बार-बार चर्चाओं पर कहा कि यह इसलिए उठता है क्योंकि मीडिया लगातार इस बारे में सवाल करता रहता है।
पहले भी लग चुकी सीएम बदलने की अटकलें
सत्तारूढ़ कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें लगातार चल रही हैं। खबरों के अनुसार, सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच सत्ता साझा करने का कथित समझौता हुआ था। मई 2023 में चुनाव के बाद दोनों के बीच प्रतिस्पर्धा थी, और आलाकमान ने शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री बनाया। अफवाह थी कि 2.5 साल बाद मुख्यमंत्री पद बारी-बारी संभालने की योजना थी, हालांकि पार्टी ने इसे आधिकारिक तौर पर कभी नहीं माना।
कांग्रेस विधायक राजन्ना का बड़ा बयान
मधुगिरी के कांग्रेस विधायक राजन्ना ने बेंगलुरु में मीडिया से कहा कि सिद्धरमैया कांग्रेस के लिए “अत्यंत आवश्यक” हैं। उन्होंने कहा, जैसे बी.एस. येदियुरप्पा भाजपा के लिए और देवेगौड़ा परिवार JDS के लिए अहम हैं, वैसे ही सिद्धरमैया पार्टी के लिए महत्वपूर्ण हैं। उनका अनुभव इस बात की पुष्टि करता है।
डीके शिवकुमार की नई दिल्ली यात्रा पर बोले राजन्ना
राजन्ना ने कहा कि अगर कांग्रेस आलाकमान सिद्धरमैया को ढाई साल बाद कैबिनेट फेरबदल की अनुमति देता है, तो उनके नेतृत्व पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने शिवकुमार की नई दिल्ली यात्रा को मामूली मामला बताया और कहा कि वह कांग्रेस के निर्देशों का पालन करेंगे।





