back to top
32.1 C
New Delhi
Wednesday, March 11, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

कर्नाटक में CM कुर्सी पर ‘डेडलाइन’ का बवाल! 21 या 26 नवंबर को शपथ लेंगे डीके शिवकुमार? अटकलों पर भड़के…

कर्नाटक में कांग्रेस के अंदर सिद्दारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर अटकलें बढ़ गई हैं, जबकि हाईकमान ने किसी बदलाव की पुष्टि नहीं की है।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार में नेतृत्व परिवर्तन का मसला अब सियासी उबाल पर आ चुका है। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के 21 या 26 नवंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की अटकलों ने राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि इसी महीने सिद्दारमैया सरकार का ढाई साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है। स्थानीय मीडिया में चल रही इन रिपोर्ट्स पर खुद मुख्यमंत्री सिद्दारमैया की प्रतिक्रिया आई है।

सीएम सिद्दारमैया ने जताई नाराज़गी

विधान सौध में पत्रकारों ने जब सिद्दारमैया से इस कथित पावर-शेयरिंग फॉर्मूले और शिवकुमार की शपथ ग्रहण की तारीख (21 या 26 नवंबर) के बारे में पूछा, तो मुख्यमंत्री भड़क गए। उन्होंने तल्खी से पलटवार करते हुए पूछा, यह किसने बताया? क्या शिवकुमार ने आपको यह बताया? इस घटना ने मुख्यमंत्री और उनके डिप्टी के बीच तनाव की अटकलों को और हवा दी है, क्योंकि माना जाता है कि दोनों नेताओं के बीच सत्ता साझा करने का एक गुप्त समझौता हुआ था।

डीके शिवकुमार की ‘सीएम महत्वाकांक्षा’ पर खेमेबाजी

डीके शिवकुमार, जो कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष भी हैं, अपनी मुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा के लिए कथित तौर पर एक ‘डेडलाइन’ तय किए हुए हैं। हालांकि, उन्होंने सार्वजनिक रूप से टकराव से परहेज किया है। सिद्दारमैया के वफादार मंत्री एचसी महादेवप्पा ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन कहा, मुझे ऐसी बड़ी बातों की जानकारी कैसे होगी? यह केवल मुख्यमंत्री, पार्टी अध्यक्ष (शिवकुमार) और हाईकमान को पता होगा।

आवास मंत्री बीजेड जमीर अहमद खान ने शिवकुमार से 2028 (अगले चुनाव) के बाद मुख्यमंत्री पद की आकांक्षा रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि “सिद्दारमैया 2028 तक मुख्यमंत्री रहेंगे। अगर सिद्धारमैया के बाद शिवकुमार मुख्यमंत्री बनते हैं तो हमें खुशी होगी, लेकिन 2028 तक यह पद खाली नहीं है।”

दलित मुख्यमंत्री की मांग भी हुई तेज

नेतृत्व परिवर्तन की इन अटकलों के बीच, सिद्दारमैया के स्थान पर दलित मुख्यमंत्री की मांग भी तेज हो गई है। मंत्री महादेवप्पा ने कहा कि, दलित मुख्यमंत्री का आंदोलन जारी रहेगा, लेकिन इसका अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान को करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नेतृत्व दलितों के पक्ष में है।

कुल मिलाकर, कांग्रेस हाईकमान पर अब यह बड़ा दबाव है कि वह कथित सत्ता साझाकरण समझौते पर अपनी चुप्पी तोड़े, वरना कर्नाटक की सरकार के भीतर यह राजनीतिक कलह आने वाले दिनों में और गहरा सकती है।

कर्नाटक में 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए सिद्दारमैया और डीके शिवकुमार के बीच कड़ा मुकाबला था। लंबी बातचीत और खींचतान के बाद जब सिद्दारमैया को मुख्यमंत्री और शिवकुमार को उप-मुख्यमंत्री बनाया गया, तो यह बात सार्वजनिक तौर पर सामने आई थी कि दोनों नेताओं के बीच ढाई-ढाई साल सत्ता साझा करने का एक अघोषित समझौता हुआ है। हालांकि, कांग्रेस हाईकमान ने इस कथित फॉर्मूले पर कभी सार्वजनिक रूप से मुहर नहीं लगाई।

हाईकमान और नेताओं के विरोधाभासी बयान

सत्ता साझाकरण फॉर्मूले पर हाईकमान और कर्नाटक के नेताओं के बयान समय-समय पर बदलते रहे हैं, जिससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है। 

कांग्रेस हाईकमान हाईकमान के वरिष्ठ नेताओं ने आधिकारिक तौर पर हमेशा यही कहा है कि कोई पावर शेयरिंग फॉर्मूला नहीं है। उन्होंने कहा कि सत्ता का बंटवारा जनता के साथ हुआ है। और इन्हींअटकलों पर विराम लगाने के लिए हाईकमान ने औपचारिक रूप से समझौते को नकारा।

मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने कई बार जोर देकर कहा है कि वह पूरे पाच साल तक मुख्यमंत्री रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा है कि इस संबंध में कोई समझौता नहीं हुआ है, और वह हाईकमान के हर फैसले का पालन करेंगे।

सिद्दारमैया खेमा हमेशा से ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले को मीडिया की उपज बताता रहा है

उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार शिवकुमार का रुख विरोधाभासी रहा है। एक तरफ उन्होंने कहा है कि वह सीएम के बयान को मानते हैं कि कोई आपत्ति नहीं है, और सीएम का बयान अंतिम है। वहीं, हाल के दिनों में उन्होंने निजी चैनलों को दिए इंटरव्यू में अस्पष्ट रूप से ‘पावर-शेयरिंग एग्रीमेंट’ की मौजूदगी का संकेत दिया है और कहा है कि वह उचित समय पर सीएम बनेंगे। शिवकुमार ने समझौते की पुष्टि की है, लेकिन साथ ही अनुशासन बनाए रखने के लिए अंतिम फैसला हाईकमान पर छोड़ा है। सिद्दारमैया के वफादार मंत्री (जैसे एम.बी. पाटिल और जमीर अहमद खान) ने सार्वजनिक रूप से बार-बार कहा है कि सिद्दारमैया ही पाँच साल तक मुख्यमंत्री रहेंगे।यह सिद्दारमैया खेमे की ओर से शिवकुमार की दावेदारी को कमजोर करने और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने की कोशिश मानी जाती है।

कांग्रेस हाईकमान ने आधिकारिक रूप से कोई समझौता होने की बात स्वीकार नहीं की है। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में यह व्यापक रूप से माना जाता है कि ढाई साल बाद नेतृत्व परिवर्तन पर विचार करने की एक आंतरिक समझ (Internal Understanding) बनी थी, जिसके आधार पर शिवकुमार सीएम पद की दौड़ से हटे थे। अब, नवंबर 2025 में ढाई साल पूरे होने पर, शिवकुमार के समर्थक इसी आंतरिक समझौते को सार्वजनिक रूप से लागू करने का दबाव बना रहे हैं।

Advertisementspot_img

Also Read:

कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन पर CM सिद्धारमैया की दो टूक, बोले- ‘हाईकमान जो कहेगा वही मानूंगा’

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रही अटकलों के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है।...
spot_img

Latest Stories

LPG Crisis: भारत में कब-कब आया LPG गैस संकट? जानिए 2026 से पहले कब-कब लोगों को हुई गैस की किल्लत

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते...

Chaitra Navratri 2026: घटस्थापना मुहूर्त, पूजा विधि और नौ दिन की त्योहार की पूरी जानकारी

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। हिंदू धर्म का सबसे पवित्र और...

भारत में क्या है इच्छा मृत्यु की प्रक्रिया? विदेशों से कितनी अलग है पूरी प्रक्रिया

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बुधवार 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट...

बॉक्स ऑफिस पर The Kerala Story 2 का रहा अच्छा प्रदर्शन, जानिए कलेक्शन रिपोर्ट

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। 'द केरल स्टोरी 2: गोज...

कीर्ति आजाद के बेतुके बयान पर भड़के भारतीय क्रिकेट के बड़े दिग्गज, हरभजन ने भी जमकर लताड़ लगाई

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। न्यूजीलैंड को परास्त करके टी20 विश्व...

Gas Supply Crisis: कहीं गैस बुकिंग ठप तो कहीं लंबी लाइनें, कई शहरों में LPG को लेकर बढ़ी परेशानी

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मध्य पूर्व में जारी तनाव...