खूंटी, 01 जून(हि. स.) । कुछ कथित आदिवासी नेताओं के बहकावे में आकर अपना राशन कार्ड, आधार कार्ड जलाने और सराकरी सेवाओं का बहिष्कार करने वाले ग्रामीण धीरे-धीरे मुख्यधारा की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। अब वे प्रशासन से अपना आधार कार्ड, राशन कार्ड वापस ले रहे हैं। मंगलवार को खूंटी प्रखण्ड के करगे गांव में जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीणों के साथ बैठक की गई। बैठक में बीडीओ, सीओ और सरकारी कर्मचारी उपस्थित थे। मौके पर उन्हें टीकाकरण के लिए भी प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ने व जागरूक दृष्टिकोण अपनाने की अपील की गई। मौके पर करगे गांव में कुल 13 परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ते हुए राशन कार्ड, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र आदि वापस किये गये। गांव में 32 आधार कार्ड, 10पहचान पत्र, 10 राशन कार्ड, आठ जॉब कार्ड, पांच लोगों को अभियुक्ति पास बुक वापस किये गये। ग्रामीणों को प्रोत्साहित करने के क्रम में बताया गया कि ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण करने व उनसे निरन्तर सम्पर्क बनाये रखने के लिए जिला प्रशासन प्रयासरत है। जिला व प्रखण्ड के अधिकारी क्षेत्र भ्रमण कर बेहतर सम्बन्ध स्थापित करने के प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब सभी को सामूहिक प्रयासों के साथ दिग्भ्रमित विचारधारा का त्याग करते हुए आगे बढ़ना है। बीडीओ ने कहा कि ग्रामीणोंए पंचायत प्रतिनिधियों व बुद्धिजीवियों से संवाद कायम रखते हुए उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के सभी सम्भव प्रयास किये जा रहे हैं। मौके पर ग्रामीणों ने कोरोना जांच भी करायी। ग्रामीणों से बीडीओ और सीओ ने टीकाकरण कराने की अपील की। हिन्दुस्थान समाचार/अनिल




