रांची, 26 जून (हि.स.)। राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स के क्रिटिकल केयर एचओडी डॉ प्रदीप भट्टाचार्य ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) झारखंड को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने पीएम केयर्स फंड से झारखंड को मिले 50 से ज्यादा वेंटिलेटर को वापस मंगा लेने की मांग की है। उन्होंने शनिवार को कहा कि कुछ वेंटिलेटर तो ठीक हैं, लेकिन अभी भी 50 से ज्यादा वेंटिलेटर ठीक नहीं हुए हैं। ठीक हुए वेंटिलेटर भी किस समय खराब हो जाएं, कोई ठिकाना नहीं है। राज्य में कोविड की तीसरी लहर आने की आशंका व्यक्त की जा रही है। ऐसे समय वेंटिलेटर का वापस करने की बात आम लोगों को समझ में नहीं आ रही है। इधर, राज्य सरकार हर जिला में पीआईसीयू और एनआईसीयू खोल रही है। जिसमें वेंटिलेटर की जरूरत पड़ेगी। उल्लेखनीय है कि डॉ. प्रदीप भट्टाचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 17 मई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में भी खराब पड़े पीएम केयर्स फंड के वेंटिलेटर का मामला उठाया था। डॉ. प्रदीप भट्टाचार्य ने ब्लैक फंगस के केस पर कहा है कि निजी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों में ब्लैक फंगस की शिकायतें अधिक मिली हैं। रिम्स के कोविड मरीजों में ब्लैक फंगस के मामले कम ही मिले हैं। उनका मानना है कि ब्लैक फंगस के पीछे स्टेरॉयड का ज्यादा इस्तेमाल भी प्रमुख कारण है। हिन्दुस्थान समाचार/कृष्ण




