रांची, 25 अप्रैल (हि.स.)। झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रामेश्वर उरांव ने झारखंड वासियों एवं जैन समुदाय को भगवान महावीर स्वामी के जन्मोत्सव की बधाई दी है। उन्होंने कहा भगवान महावीर ने संसार से विरक्त होकर राज वैभव त्याग दिया और सन्यास धारण कर आत्म कल्याण के पथ पर निकल गए। 12 साल की कठिन तपस्या के बाद भगवान महावीर को ज्ञान प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर ने अहिंसा को सबसे उच्चतम नैतिक गुण बताया तो मानव को मानव के प्रति प्रेम और मित्रता से रहने का सिर्फ संदेश ही नहीं दिया बल्कि पशु, पक्षी, जल, जंगल, जमीन के प्रति भी मित्रता व अहिंसक विचार के साथ रहने का उपदेश दिया। उराँव ने रविवार को कहा कि भगवान महावीर का संदेश आज के लिए सर्वाधिक प्रासंगिक इसलिए है। क्योंकि, कोरोना संक्रमण में जहां हम एक दूसरे से दूरियां बनाए हुए हैं। वहीं, भगवान महावीर का संदेश मानव के प्रति मानव का प्रेम सबसे अधिक आवश्यक है। क्योंकि, हमें बीमारी से दूर रहना है। बीमार से नहीं और एक दूसरे की सहायता करनी है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने राज्य वासियों को एवं जैन समुदाय को भगवान महावीर जन्म जयंती की बधाई दी। उन्होंने कहा कि जैन धर्मावलंबी भव्य जुलूस के साथ आज के दिन प्रभात फेरी एवं पालकी यात्रा निकालते हैं लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण जैन समाज स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह मनाते हुए घरों में ही भगवान महावीर का जन्म उत्सव मना रहे हैं। इसके लिए हम उन्हें धन्यवाद और बधाई देते हैं। प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह एवं मानव के प्रति प्रेम जैसे अनमोल विचार देने वाले भगवान महावीर जयंती की जैन समुदाय को विशेष रूप से बधाई देते हैं। 30 वर्ष की आयु में ही भगवान महावीर ने सांसारिक मोह त्यागकर आध्यात्मिक मार्ग अपनाते हुए समाज को शिक्षा एवं ज्ञान दिया जो अनुकरणीय है। प्रवक्ता राजेश गुप्ता ने भगवान महावीर जयन्ती की बधाई देते हुए कहा कि भगवान महावीर के उपदेशों और पंचशील के सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारने की नितांत आवश्यकता है। हिन्दुस्थान समाचार/कृष्ण/चंद्र




