मेदिनीनगर, 19 मार्च (हि.स.)। जल की एक-एक बूंद अनमोल है। जल है तो जीवन है। इसका संचय, संरक्षण से ही मानव जीवन की रक्षा संभव है। जल की अनावश्यक बर्बादी कदापि नहीं होने दें। जल संरक्षण के लिए सभी को जागरूक होना होगा और सामूहिक प्रयास करना होगा। इससे जल संरक्षण की दिशा में बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे। यह बातें आयुक्त जटाशंकर चौधरी ने कही। वे जल जीवन मिशन के तहत विश्व जल दिवस-2021 को लेकर प्रमंडल क्षेत्र के पलामू, गढ़वा व लातेहार जिले में आयोजित हो रहे विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों के संदर्भ में बोल रहे थे। उन्होंने प्रमंडल क्षेत्र के आम नागरिकों, बुद्धिजीवियों एवं विद्यार्थियों से जल संरक्षण के लिए आगे आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पलामू प्रमंडल हमेशा से कम बारिश वाला क्षेत्र रहा है। ऐसे में जल संचय एवं जल का सदुपयोग आवश्यक है। जल जीवन मिशन के तहत विश्व जल दिवस-2021 को लेकर प्रमंडल क्षेत्र के पलामू, गढ़वा एवं लातेहार जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय एवं अन्य विद्यालय में विद्यार्थियों के बीच निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों ने निबंध के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने जल संचय एवं उसके उपयोग के महत्व को अपनी लेखनी के माध्यम से दर्शाया। निबंध प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया गया। उपायुक्त शशि रंजन के निर्देश पर जिले के सभी कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में स्कूली छात्राओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। छात्राओं ने जल के महत्व से जुड़े विषयों पर एक से बढ़कर एक निबंध लिखे। जल के महत्व को दर्शाते हुए सभी का ध्यान आकर्षित किया। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग तथा शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयास से कोविड-19 रोकथाम के मानकों का अनुपालन करते हुए प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। उपायुक्त शशि रंजन ने कहा कि पानी अनमोल है। सभी लोग आवश्यकता अनुसार जल का उपयोग करें एवं जल संरक्षण पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने जल के महत्व को समझते हुए इसे किसी भी हाल में व्यर्थ नहीं करने की अपील की। हिन्दुस्थान समाचार/संजय




