नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। देश में चुनावी माहौल है। लोकसभा चुनाव 2024 के पांचवें चरण के लिए मतदान 20 मई 2024 को हो चुका है। अब दो चरण के चुनाव के लिए मतदान होना बाकी है। वहीं सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पार्टी के चुनाव प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने अपनी पार्टी के चुनाव प्रचार के लिए खूब भाग दौड़ की।
इसको लेकर बीजेपी ने उन्हें नोटिस भेजा है
इसी बीच एक खबर सामने आई है, जिसमे पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद ने अपनी पार्टी बीजेपी के लिए न तो कोई चुनाव प्रचार किया और न ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया, यानि कि उन्होंने अपना वोट नहीं डाला। इसको लेकर बीजेपी ने उन्हें नोटिस भेजा है। यह नेता और कोई नहीं, बल्कि पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा के बेटे जयंत सिन्हा हैं। जो झारखंड के हजारीबाग से वर्तमान सांसद है। जानकारी के लिए बताना चाहेंगे कि बीजेपी ने इनकी जगह इस बार हजारीबाग लोकसभा सीट से मनीष जयसवाल को हजारीबाग से प्रत्याशी बनाया है। यह बात अलग है कि जयंत सिन्हा ने हजारीबाग से प्रत्याशी की घोषणा होने से पहले ही जेपी नड्डा से अपनी चुनाव न लड़ने की इच्छा जाहिर कर दी थी।
जयंत सिन्हा के इस रवैये से पार्टी की छवि धूमिल हुई है
भाजपा जयंत सिन्हा की इस बात से नाराज है कि पार्टी के वरिष्ठ नेता होने के बावजूद उन्होंने न तो मनीष जयसवाल के समर्थन में कोई प्रचार किया न ही भाजपा के किसी भी कार्य में अपनी रुचि दिखाई। लेकिन हद तो उस समय हो गयी जब उन्होंने अपने मताधिकार का ही प्रयोग नहीं किया। इसको लेकर भाजपा ने जयंत सिन्हा को नोटिस जारी किया है और दो दिन में जवाब देने के लिए कहा है। जानकारी के लिए बताना चाहेंगे कि जयंत सिन्हा को यह नोटिस प्रदेश महामंत्री और राज्यसभा सदस्य आदित्य साहू ने पार्टी की तरफ से भेजा है और उन्हें 2 दिन में जवाब देने के लिए कहा है। पार्टी ने नोटिस में इस बात का भी जिक्र किया है की जयंत सिन्हा के इस रवैये से पार्टी की छवि धूमिल हुई है।
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