कोडरमा, 29 जून (हि. स.)। कोडरमा बरकाकाना रेल खंड के पिपराडीह बरही के बीच तिलैया डैम पर बने ओवर ब्रिज से गुजरी रेल ट्रैक पर विस्फोट से गिरी चट्टान की वजह से इंजन क्षतिग्रस्त होने की जांच को लेकर पहुंचे धनबाद रेल मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक आशीष झा ने जांच में इसकी पुष्टि की है। इसके बाद एडीआरएम झा ने एनएचआई के द्वारा बनाए जा रहे फोर लेन के कार्य पर रोक लगा दी है। बावजूद निर्माण कार्य में लगे आरकेएससीपीएल कंस्ट्रक्शन द्वारा कार्य को पोकलेन के द्वारा पहाड़ों के चट्टानों को तोड़ने का कार्य बदस्तूर जारी रखा है। उल्लेखनीय रहे कि गत 24 जून को जवाहर घाट पर बने रेलवे ओवर ब्रिज स्थित पहाड़ के चट्टानों को गुल्ला टोपी से विस्फोट किए जाने के बाद उससे गिरी चट्टानों के बड़े टुकड़े पटरी पर आ गिरे थे। इससे वहां से गुजर रहा एक इंजन क्षतिग्रस्त हो गया था। ऐसे कार्य के दौरान रेलवे कंट्रोल से ब्लॉक लिया जाता है, लेकिन निर्माण कार्य में लगे आरकेएससीपीएल कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा रेलवे को बिना सूचना दिए पहाड़ो पर विस्फोट के कार्य किए जा रहे थे। घटना के बाद इस रेल खंड पर बरकाकाना-कोडरमा पैसेंजर ट्रेन और मालगाड़ी का आवागमन घंटों प्रभावित हुआ था। इधर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों से वार्ता किया गया। एडीआरएम झा ने घटनास्थल पर एनएचएआई के अधिकारियों से बात की और फोरलेन निर्माण कार्य के दौरान पहाड़ को तोड़ने के लिए किसी भी परिस्थिति में विस्फोट नहीं करने की सलाह दी थी। रेलवे की ओर से इसके लिए ट्रैक के दोनों ओर गड्ढे भी करवा दिया गया था। एनएचआई के अधिकारियों को कहा गया था कि पोकलेन से ही पत्थरों को तोड़वा कर हटाया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की रेलवे को क्षति न हो। एडीआरएम झा ने बताया कि कोडरमा- बरही रेलखंड के अंतर्गत तिलैया डैम के तीन किलोमीटर के दायरे में पहाड़ और चट्टाने है, और परिचालन की दृष्टि से पूरी तरह सुरक्षित है। हिंदुस्थान समाचार/ संजीव




